उत्तर प्रदेश में बरेली के इस्लामिया कॉलेज मैदान में ‘देश बचाओ-देश बनाओ’ रैली में यूं तो मुख्य वक्ता मुलायम सिंह यादव थे। लेकिन सपा मुखिया समेत तमाम नेताओं ने आजम खां को सभा का सदर बनाने के साथ ही देश के बड़े मुस्लिम नेता के रूप में पेश किया और बोलने का सबसे ज्यादा वक्त भी उन्होंने ही लिया।
आजम खां ने स्वतंत्रता संग्राम, और अब तक के युद्धों के साथ ही बाबरी प्रकरण से लेकर मुजफ्फरनगर दंगे तक के किस्से सामने रख कर मुसलमानों के जज्बातों को पकड़ने की कोशिश की। एकजुट होकर फिरकापरस्त ताकतों से लड़ने का आह्वान किया।
नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग दंगाइयों को सम्मानित कर रहे हैं उनके मंसूबे साफ हैं। मुस्लिमों को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि जननायक मुलायम ही उनकेअसली रहनुमा हैं। उनकी सरपरस्ती में ही हम एक खूबसूरत हिंदुस्तान बना सकेंगे।
मंच से भीड़ देख कर गदगद नेताओं ने इसे मोदी की सभाओं के जवाब के तौर पर पेश किया। आजम ने सीधे ललकारा, अभी तो सपा ने जनसभा की है, आगे होने वाली रैलियों में सबको जवाब मिल जाएगा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सपा राज में यूपी में आए बदलावों पर बोले। छात्रों, युवाओं और अल्पसंख्यक वर्ग की लड़कियों के लिए शुरू की गई योजनाओं की अहमियत समझाई। उन्होंने कहा कि जो लोग लैपटॉप देने का विरोध कर रहे थे वे खुद मोबाइल बांट रहे हैं। लोग समझ रहे हैं कि जो गरीब बच्चा लैपटॅाप खरीदने की सोच भी नहीं सकता उसके लिए ये कितनी बड़ी खुशी है।
पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने समाजवादी विचारधारा की प्रासंगिकता समझाते हुए कहा कि कांग्रेस और भाजपा को खारिज कर प्रदेश सपा को अच्छी सीटें देगा और केंद्र में तीसरे मोर्चे की सरकार का बनना तय है। उन्होंने कहा कि देश में भ्रष्टाचार और महंगाई से बड़ा खतरा सांप्रदायिकता का है और इन ताकतों से लड़ने वाले सिर्फ मुलायम सिंह हैं।