सपा सांसद बाल कुमार पटेल ने एसटीएफ जवानों की सामूहिक हत्या के मामले में जेल में बंद पांच आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए कहा है कि शासन स्तर पर पैरवी करके उन्हें रिहा कराया जाएगा।
उन्होंने बांदा-चित्रकूट संसदीय सीट से चुनाव लड़ने की खबर को गलत बताया।
मिर्जापुर के सांसद पटेल (दस्यु ददुआ के भाई) मंगलवार को यहां जेल में बंद पूर्व दस्यु सरगना राधे उर्फ सूबेदार पटेल और एसटीएफ जवानों की सामूहिक हत्या के मामले में जेल में बंद पांच आरोपियों से मुलाकात करने आए थे।
जेल में उनसे मिलकर चुनावी रणनीति पर भी चर्चा की। बाद में कचहरी परिसर में मीडिया से बातचीत में सांसद ने कहा कि एसटीएफ जवानों की हत्या के मामले में आरोपी अनीस को बसपा सरकार में निर्दोष मानकर छोड़ दिया गया। लेकिन पांच अन्य निर्दोष अभी भी जेल में हैं। उन पर भी रहम करके रिहा किया जाना चाहिए था। यह नाइंसाफी है।
सांसद ने कहा कि जेल में बंद पांचों आरोपी निर्दोष हैं। उनकी वह हर हालत में रिहाई के लिए शासन स्तर पर पैरवी करेंगे। इसकी शुरुआत वह मुख्यमंत्री से अनुरोध करके करेंगे।
हालांकि अभी मामले में जांच चल रही है। एसटीएफ जवानों की हत्या के मामले में जेल में भइयाजी, रामबाबू, अंगरेज पटेल, किशोरीलाल और दस्यु सरगना ठोकिया का मामा बंद हैं।
सांसद बालकुमार ने उन खबरों को झूठा बताया है जिसमें उनके बांदा-चित्रकूट संसदीय सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ने की बात कही गई है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व उन्हें जहां से चुनाव लड़ाएगा वह लड़ने को तैयार हैं। वह सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के सिपाही हैं। उनका हर आदेश मानेंगे।
सांसद ने स्वीकारा कि जेल में बंद पूर्व दस्यु सूबेदार उर्फ राधे पटेल से उनकी लोकसभा चुनाव को लेकर जेल में चर्चा हुई है। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में सपा को ही सफलता मिलेगी।