विधायक लक्ष्मी गौतम और मुकल अग्रवाल के बीच सिर्फ एक कार्यकर्ता और विधायक वाला संबंध है या कुछ और....।
इसे लेकर जब सवाल उठे और कुछ अफवाहें भी फैलाईं गईं तो सपा कार्यकर्ताओं की बैठक बाद सिंचाईं विभाग के निरीक्षण भवन में मुकुल अग्रवाल ने मीडिया के सामने सफाई दी थी।
विधायक को आदर के योग्य बताकर पहले हाथ जोड़े, फिर उनके पैर तक छुए। कहा था कि विधायक से उनका संबंध सिर्फ एक कार्र्यकर्ता का है पर कुछ लोग उन्हें बदनाम कर रहे हैं।
इसलिए उनका घर से निकलना तक दुश्वार हो गया है।
इस दौरान विधायक लक्ष्मी गौतम ने भी मीडिया प्रतिनिधियों से कहा था कि उनका नाम मुकुल अग्रवाल के साथ जोड़ कर दुष्प्रचार किया जा रहा है।
इसमें हकीकत नहीं है। मुकल ने उनके चुनाव में मेहनत की थी और वह एक कार्यकर्ता है। विरोधियों की चाल है।
फरवरी 2013 से शुरू हुआ था तनाव
संबंधों को लेकर विधायक फैमिली में फरवरी 2013 से तनाव शुरू हुआ था। विधायक पति ने लखनऊ में मुकुल और विधायक के साथ होने को लेकर आपत्ति जाहिर की थी।
इसे लेकर दोनों में विवाद बढ़ा तो तनाव कम करने के लिए दिलीप वार्ष्णेय अपनी पत्नी को लेकर शिरडी गए थे। शिरडी से लौटकर दोनों मुंबई भी गए थे।
फ्लाइट से सफर किया और गिले शिकवे दूर करने की बातें हुईं, लेकिन अचानक 29 मार्च 2013 को विधायक अपने बच्चों के साथ अपना जरूरी सामान लेकर मुरादाबाद स्थित टीडीई सिटी में शिफ्ट हो गईं।
दिलीप वार्ष्णेय को धक्का लगा। दोनों के बीच संबंधों में पैदा हुई दरार गहरी होती चली गई।