उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले गुरुवार को योगी सरकार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 4879 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया। इससे पहले सदन की कार्यवाही में लखीमपुर कांड में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त करने की मांग को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष के नारेबाजी और हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी थी।
दोपहर बाद जब दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तो सदन का माहौल बदला नजर आया। एक समय तो ऐसा आया जब नेता विपक्ष राम गोविंद चौधरी और प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के बीच मीठी बहस शुरू हो गई। इस बीच, राम गोविंद चौधरी ने कुछ ऐसा कहा, जिसे सुनकर पूरा सदन ठहाके मारने लगा। पढ़िए क्या हुआ?
सदन शुरू होते ही नेता विपक्ष ने कसा तंज
गुरुवार की सुबह जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो वित्त मंत्री अनुपूरक बजट पेश करना चाहते थे। वहीं, विपक्ष के नेता लखीमपुर खीरी कांड में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। काफी देर तक हंगामा चला और आखिर में विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12:30 बजे तक स्थगित कर दी। इसके बाद जब दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तो सदन का नजारा बदला नजर आया।
सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा बताया कि नियम 301 के तहत 40 सूचनाएं प्राप्त हुईं। इस पर समाजवादी पार्टी के विधायक और सदन में नेता विपक्ष राम गोविंद चौधरी खड़े हो गए। उन्होंने कहा, 'वित्त मंत्री ने सूचनाएं तो पेश कर दीं, लेकिन उसे पढ़ने का भी नियम है। हमने तो उन्हें इसे पढ़ते हुए नहीं सुना।' (अनुपूरक बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री को सदन में बजट का कुछ अंश पढ़कर सुनाना होता है। राम गोविंद चौधरी इसी बात का जिक्र कर रहे थे।)
वित्त मंत्री ने क्या जवाब दिया?
नेता विपक्ष के बयान के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पलटवार किया। बोले, 'नेता विपक्ष अगर ये भी बता देते कि बजट क्यों नहीं पढ़ पाया तो हम आपको धन्यवाद दे देते।' खन्ना यहीं नहीं रूके। आगे उन्होंने सपा नेता पर तंज कसा। कहा, 'जब आप सत्ता में थे, चार साल आप यही माहौल दिखाते रहे। वो अब आप सदन में भी लेते आए। इस माहौल के लिए जनता ने 2017 में आपको फैसला सुना दिया।'
इसपर सपा नेता राम गोविंद चौधरी फिर खड़े हो गए। उन्होंने फिर वित्त मंत्री से बजट को पढ़ने के लिए आग्रह किया। आगे बोले, 'आपने हमारी मदद भी की। आपने स्वयं अध्यक्ष से कहा कि सदन को स्थगित कर दीजिए। हमने तो कहा नहीं। आपने हमारी मदद ही। इसके लिए आपको बहुत-बहुत बधाई। फिर आपने जब हमारी मदद की तो अब हम आपकी मदद कर रहे हैं। जो आपने प्रस्तुत किया है। उसे पढ़ दीजिए।'
नेता विपक्ष की ये बात सुनते ही पूरा सदन ठहाके लगाने लगा। थोड़ी देर बाद वित्त मंत्री ने अनुपूरक बजट के कुछ अंश पढ़कर सुनाया और सदन की कार्यवाही शुरू हो गई।