सोनभद्र। एक परिवार, एक पहचान के तहत प्रदेश में रहने वाले परिवारों का लाइव डेटाबेस (फैमिली आईडी) तैयार किया जा रहा है। इसकी व्यवस्था में शासन की तरफ से बदलाव किया गया है। पोर्टल के जरिये संशोधन की सुविधा शुरू की गई है। अब लोग अपने परिवार के छूटे सदस्यों का नाम ऑनलाइन आईडी में जोड़ सकेंगे। इसके लिए लोगों को अधिकारी जागरूक कर रहे हैं।
फैमिली आईडी के रूप में प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट नंबर जारी किया जा रहा है। इससे उस परिवार के सदस्यों का पूरा विवरण देखा जा सकता है। इसके माध्यम से पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करना आसान होगा। दिव्यांग, विधवा, वृद्धावस्था पेंशन धारकों, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के ऐसे लाभार्थी, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हे सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए प्राथमिकता से फैमिली आईडी बनाई जा रही है।
सोनभद्र जिले में 33873 परिवारों की फैमिली आईडी बनाने का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष अब तक 29 हजार से अधिक परिवारों की फैमिली आईडी बन गई है। शेष परिवारों का फैमिली आईडी तैयार कराया जा रहा है। अब इस प्रक्रिया में सरकार ने बदलाव किया है। लोग अब फैमिली आईडी को संशोधित कर सकते हैं।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने बताया कि ऐसे लोग, जिनकी हाल ही में शादी हुई है और उन्होंने पति-पत्नी के नाम फैमिली आईडी बनवा ली। इसके बाद उनके बच्चे हुए तो उनका नाम उस आईडी में दर्ज नहीं होता था। इससे कई तरह की योजना का लाभ उन लोगों को नहीं मिल पाता। इस तरह की परेशानियों को देखते हुए शासन ने लोगों के लिए फैमिली आईडी संशोधित करने की सुविधा शुरू की है। इससे लोग अपने परिजनों के नाम फैमिली आईडी में जोड़ सकेंगे। बता दें कि पिछले दिनों आईडी बनवाने के दौरान उसमें संशोधन का विकल्प नहीं दिया गया था। इसे लेकर लोगों के जन्म लेने वाले बच्चों का नाम उसमें दर्ज नहीं हो पाता था।
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शासन की तरफ से किए गए बदलाव के बारे में लोगों को जानकारी दी जा रही है। अब लोग अपने परिवार के छूटे सदस्यों के नाम फैमिली आईडी में जोड़ सकेंगे। जिले में अब तक 29 हजार से अधिक परिवारों की फैमिली आईडी बन चुकी है। - संतपाल वर्मा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी