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Sonebhadra News: मीरा मोहन सी प्रीत लिख देना ...

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सोनभद्र। शहीद स्थल प्रबंधन ट्रस्ट करारी के तत्वावधान में शुक्रवार को बार एसोसिएशन सभागार में काव्य संध्या का आयोजन किया गया। काव्य संध्या की शुरुआत अधिवक्ता प्रदुम्न त्रिपाठी की रचना - मीरा मोहन सी प्रीत लिख देना, सबके अधरों पे गीत लिख देना... से हुई।
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प्रयागराज से आए शायर शारिक मखदूम फूलपुरी का स्वागत अंगवस्त्र, लेखनी, पुस्तक और प्रशस्ति पत्र देकर किया गया। उन्होंने - डूबा रहा ग़मों में, किनारा नहीं मिला... ग़ज़ल से खूब तालियां बटोरीं। ओज की कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने कविता - जय हिंद वंदे मातरम् का जो करते सम्मान नहीं... के माध्यम से राष्ट्रप्रेम का स्वर मुखर किया। वीर रस के कवि प्रभात सिंह चंदेल ने - सपूत पूत भारती के लहू से ललाट पर तिलक लगाते हैं... सुनाकर शहीदों को नमन किया। धर्मेश चौहान ने - जहां टीबी और बीवी... शीर्षक रचना से श्रोताओं को खूब हंसाया, वहीं - वतन पर होता जो कुर्बान, वहीं भगवान मेरा है... जैसी रचना से देशभक्ति का भाव जगाया।
वरिष्ठ शायर अब्दुल हई की पंक्तियां - उधर से गुजरा तो झुककर मिला हिमाला भी... सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। अशोक तिवारी की - हां, हमने तुझसे प्यार किया और क्या किया... को भी खूब सराहा गया। दिवाकर दिवेदी ''मेघ'' ने पूर्वांचली अंदाज में - बरवा कटा के कट कौवा, बीए पढ़े लागल बा बेटौवा... सुनाकर श्रोताओं को लोटपोट कर दिया। शायर जुल्फेकार हैदर खान ने ग़ज़लों से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्य अतिथि रामनाथ शिवेंद्र ने कौमी एकता पर आधारित रचना - हमें रोटियां ही दीजिए बहुत भूख लगी है, दे रहे हैं गीता-कुरान किसलिए... से सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
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अध्यक्षता करते हुए कविराज रमाशंकर पांडेय ''विकल'' ने लोकभाषा और हिंदी खड़ी बोली में कई रचनाएं प्रस्तुत कीं। मुख्य अतिथि वरिष्ठ कथाकार रामनाथ शिवेंद्र रहे। सभागार में जयशंकर त्रिपाठी, त्रिपुरारी मिश्रा, संदीप कुमार शुक्ल, ऋषभ ठाकुर कुशवाहा आदि रहे।
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