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दक्षिणांचल के तीन ब्लाकों में भू-गर्भजलस्तर चिंताजनक

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सोनभद्र। जिले में नदी, तालाब सूखने से पेयजल का संकट गहराता जा रहा है। सबसे खराब स्थिति भू-गर्भ जलस्तर की है। दक्षिणांचल के तीन ब्लाकों में स्थिति चिंताजनक है। आलम यह है कि म्योरपुर, दुद्धी और बभनी ब्लाक क्षेत्रों में भू-गर्भ जलस्तर लगातार खिसक रहा है। इन ब्लाकों में करीब एक मीटर से ज्यादा भू-गर्भ जलस्तर नीचे खिसका है। जबकि ऊपर से ब्लाकों यानी चतरा, राबर्ट्सगंज में स्थिति थोड़ी ठीक है।
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भू-गर्भ स्थिति को संभालने के लिए सरकार द्वारा तमाम उपाय किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में हर वर्ष दो बार भू-गर्भ जलस्तर की जांच करायी जाती है। भू-गर्भ जल विभाग एक बार मानसून से पहले और एक बार मानसून के बाद जांच करता है। इस वर्ष प्री मानसून जांच मई और जून के महीने में होनी है। जबकि पोस्ट मानसून बारिश के बाद यानी नवंबर और दिसंबर के महीने में करायी जाती है। पिछले वर्ष के आंकड़े बताते हैं कि स्थिति चिंताजनक है। बीते वर्ष आठ ब्लाकों में जांच करायी गई थी। उसमें पता चला कि दुद्धी ब्लाक क्षेत्र का जलस्तर सबसे ज्यादा तेजी से खिसक रहा है। यहां का जलस्तर तो दो मीटर से ज्यादा तक नीचे जा चुका है। म्योरपुर और बभनी में भी एक-एक मीटर के करीब गिरावट आई है। हालांकि, राबर्ट्सगंज, चतरा और नगवां ब्लाक क्षेत्रों में स्थिति थोड़ी ठीक है।
गत वर्षों किए गए प्रयास से कुछ सुधार हुआ है फिर भी अभी भू-गर्भ जलस्तर बढ़ाने के लिए कई काम किए जाने बाकी हैं। वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए प्लान बनाया गया है। साथ ही जल शक्ति मंत्रालय को भी प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से उम्मीद है कि जिले के लिए कुछ बेहतर डिजाइन आएगी। उसी के अनुसार काम कराते हुए जलस्तर सुधारने का काम होगा।
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- इं. संजय शर्मा, अधिशासी अभियंता- लघु सिंचाई विभाग
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