सोनभद्र। इजराइल में हालात चाहे जैसे हों, मगर अपने श्रम से वहां के नवनिर्माण के लिए जिले के मजदूर उत्साहित हैं। पहले चरण की परीक्षा पास करने के बाद उन्हें बेसब्री से इजराइल जाने का इंतजार है और यह भरोसा भी है कि तब तक वहां के हालात सुधर जाएंगे।
युद्ध की विभीषिका में झुलस रहे इजराइल को बड़े पैमाने पर कामगारों की जरूरत है। भारत में इसकी भरपूर संभावनाएं देखते हुए इजराइल ने यहां की सरकार से करार किया है। इसी के तहत इच्छुक कामगारों से आवेदन मांगे गए थे। करीब छह माह पहले भी चयन प्रक्रिया हुई थी, मगर जिले के श्रमिक उसमें सफल नहीं हो पाए थे। इस बार नए सिरे से आवेदन के दौरान 21 कामगारों ने इस्राइल जाकर काम करने की इच्छा जताई थी। स्क्रीनिंग के दौरान इसमें सिविल वर्क के तीन कामगार ही मानकों पर खरे उतरे हैं। हालांकि अभी इनके दूसरे चरण की चयन प्रक्रिया होनी है। इसके बाद चयनित कामगारों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिर उन्हें इजराइल भेजा जाएगा। पहली स्क्रीनिंग में सफल हुए शक्तिनगर के पीडब्ल्यूडी मोड़ निवासी नवनीत सिन्हा बताते हैं कि इस क्षेत्र में आसपास अच्छे रोजगार की संभावना नहीं है। जब दूर जाना ही है तो विदेश ही क्यों नहीं। इस्राइल में काम दिलाने के लिए सरकार खुद मदद कर रही है। वहां वेतन और सुविधाएं भी अच्छी हैं तो हर्ज क्या है। वहां के हालात के जिक्र पर कहा कि कुछ इलाकों की स्थिति बिगड़ी है, मगर अन्य हिस्सों में कोई दिक्कत नहीं है। वैसे भी इस्राइल ताकतवर देश है। वह हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। चयन प्रकिया और प्रशिक्षण के वक्त तक उम्मीद है कि वहां स्थिति सुधर जाएगी। कुछ ऐसा ही कहना है रॉबर्ट्सगंज निवासी राजकुमार और सुकृत के दयाशंकर सिंह का भी। इन दोनाें ने भी पहले चरण की प्रक्रिया पास कर ली है। अब साक्षात्कार की तिथि का इंतजार है। जिला सेवायोजन अधिकारी प्रमोद तिवारी ने बताया कि इस्राइल जाने के लिए 21 आवेदन आए थे। इसमें पहले चरण की परीक्षा में तीन कामगार सफल हुए हैं। दूसरे चरण की परीक्षा की तिथि आने पर आगे भेजा जाएगा।