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श्रमिक विरोधी निर्णय नहीं लिया वापस तो तेज होगा आंदोलन

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अनपरा। कोल उद्योग के कमर्शियल माइनिंग व श्रम कानूनों के संशोधन के विरोध में बीएमएस की ओर से बुधवार को एनसीएल की समस्त परियोजनाओं के महाप्रबंधक कार्यालय में सोसल डिस्टेंस का पालन करते हुए ज्ञापन सौंपा गया।
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एनसीएल प्रभारी मुन्नीलाल ने कहा कि यदि सरकार श्रमिक विरोधी नीतियों और कमर्शियल माइनिंग के निर्णय को वापस नही लेती है तो आने वाले समय मे संगठन आर-पार की लड़ाई लड़ने में जरा भी नहीं हिचकेगा। मांगों के समर्थन में ऑफिसों पर गेट मीटिंग व नारेबाजी की गई। बीकेके एएसके महामंत्री अरुण दुबे ने कहा कि यह लड़ाई केवल कर्मचारियों का नही अपितु कोल इंडिया के अस्तित्व कीऊ लड़ाई है। यदि कोल इंडिया का अस्तित्त्व ही खतरे में पड़ जायेगा तो इसके दुष्परिणाम से कोई अछूता नही रह पाएगा। विभाग प्रमुख अशोक मिश्र ने कहा कि आज पूरे देश में श्रम हितों के कानून संशोधन के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जा रहा है। कारण यहीं वो कानून है जो श्रमिकों के हितों की मालिकों, सरकारों और प्रबंधन से बचाव करते हैं। यदि ये कानून ही बदल दिए जाएंगे तो श्रमिकों का शोषण बढ़ जायेगा। बीना महाप्रबंधक कार्यालय पर दददी प्रसाद, मनोज सिंह , प्रेमलाल , कृष्णशिला में बेचूलाल, केडी तिवारी, ककरी में अरविंद सिंह, आरपी गुप्ता, खड़िया में खुशहाल सिंह, सकलनारायन, सुरेंद्र सिंह आदि ने सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए ज्ञापन सौंपने का कार्य किया। इस अवसर पर महेंद्र सिंह , पवन शर्मा, पीके सिंह, सूर्यमणि, नवीन, अनुराग, धनेश तिवारी, शोभनाथ पटेल आदि मौजूद रहे।
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