चितरंगी एमपी की महिला शक्तिनगर काम करने आई थी। यहां ज्वालामुखी आवासीय परिसर में आवासों को जेसीबी से तोड़कर छोड़ा गया है। मंगलवार को ईंट निकालते समय दीवार गिरने से महिला मलबे में दब गई। जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं एक बुजुर्ग घायल हो गया।
शक्तिनगर थानान्तर्गत पावर प्रोजेक्ट के क्षमता विस्तार के निमित्त तोड़ कर छोड़े गए आवास से ईंट निकालते समय दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। वहीं एक वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल वृद्ध की हालत गंभीर बनी हुई है। घायल को पड़ोसी राज्य एमपी के सिंगरौली स्थित ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है। घटनास्थल पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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यह है मामला
पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन ज्वालामुखी आवासीय परिसर में स्थित आवासों को तोड़ने का कार्य कर रहा है। इसी तरह तोड़ कर छोड़े गए एक आवास से मंगलवार की सुबह ईंट निकालते समय दीवार गिर गई। जिसके मलबे में दबकर महिला की मौत हो गई। हादसे के पीछे कुप्रबंधन को वजह बताया जा रहा है।
आवासों को जेसीबी मशीनों से तोड़ कर छोड़ दिया जा रहा। इसके मलबे में मौजूद ईंट, सरिया, खिड़की, दरवाजा सहित अन्य सामाग्री को हथियाने की कई दिनों से होड़ मची थी। सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार अनजान बने रहे। दीवार गिरने से मध्यप्रदेश के चितरंगी इलाके के खोखवा गांव निवासी हीरामती (50) पत्नी स्व. रामनाथ सिंह की मौत हो गई। वहीं हादसे में चिल्काटांड मार्केट निवासी शंभू प्रसाद (74) गंभीर रूप से घायल हो गए।
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घटना के बाद स्थानीय लोगों ने ऑटो से मृतका व घायल को एनटीपीसी संजीवनी चिकित्सालय पहुंचाया। जहां महिला के शव को मोर्चरी में रखवाया गया। घायल को उपचार के लिए ट्रामा सेंटर भिजवा दिया गया। मृतक हीरामती की जेठानी मनबस सिंह ने बताया कि दो दिन पहले वह चितरंगी के खोखवां गांव से वह और उसकी देवरानी हीरामती काम के लिए शक्तिनगर आए थे। शंभू प्रसाद के घर में भाड़े पर रहते थे। सुबह शंभू प्रसाद ने ही दोनों को ईंट निकालने के लिए चलने को कहा था।