श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन योजना में चयनित क्लस्टर गांव कोदई में कराए जा रहे विकास कार्यों के संबंध में 23 जून को बुलाई गई समीक्षा बैठक में उपस्थित न होने पर जिलाधिकारी ने सिंचाई निर्माण खंड और आरईएस के एक्सईएन के एक दिन के वेतन पर रोक लगा दी है। दोनों अधिशासी अभियंताओं को दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि 23 जून को शाम छह बजे श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन योजनांतर्गत चयनित क्लस्टर कोदई में कराए जा रहे कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। सूचना के बाद भी सिंचाई निर्माण खंड के एक्सईएन समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहे। इससे सीजीएफ मद में निर्माणाधीन ग्राम पल्हारी में भेड़हवा नाला (बनवा नाला) बंधी निर्माण की समीक्षा नहीं हो पाई और न ही प्रस्तावित दो अन्य बंधियों के संबंध में चर्चा हो पाई। बिना अनुमति के मुख्यालय से बाहर रहने के संबंध में स्पष्टीकरण दो दिन के भीतर मांगी गई है। इसके साथ ही 23 जून का वेतन आहरण पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाई गई है। इसी तरह सीजीएफ में से नौ सितंबर 2018 को स्वीकृत कार्य पर्यटन स्थलों (कोदई किला एवं मारकुंडी मंदिर) पर सुंदरीकरण, दर्शनीय स्थलों का विकास, सुरक्षित ट्रेकिंग (पार्किंग, शौचालय, विश्राम कक्ष आदि का निर्माण) के लिए 30 लाख की प्रथम किश्त की धनराशि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को अवमुक्त की गई है। ये कार्य वन विभाग के कारण रुका है। समीक्षा के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि 11 फरवरी को सीडीओ के निर्देश के बावजूद न तो वन विभाग के रोक लगाने के प्रकरण के निस्तारण के संबंध में कोई कार्रवाई की और न ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाने में रुचि ली गई। इसी योजना के अंतर्गत कंवर्जेंस मद में प्रस्तावित कार्य बैजनाथ में सब सेंटर निर्माण के लिए जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय से क्रिटिकल गैप के अंतर्गत 14 लाख 39 हजार की धनराशि मई 2020 में दी गई है, लेकिन न तो कार्य प्रारंभ कराया गया और न ही धनराशि सीएमओ को वापस किया, जबकि 11 फरवरी 2021 को सीडीओ के समक्ष आश्वासन दिया था कि धनराशि तत्काल वापस कर दी जायेगी। इसके लिए जिम्मेदारी तय करते हुए शिथिल कार्य प्रणाली पर आरईएस विभाग के एक्सईएन का एक दिन के वेतन आहरण पर रोक लगाते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।