सोनभद्र/घोरावल। जनसमस्याओं का निस्तारण समय से करने के लिए शासन की तरफ से संपूर्ण समाधान दिवस और थाना दिवस का आयोजन किया जा रहा है, मगर जनता की समस्या जस की तस बनी हुई है। सदर ब्लॉक के बहुअरा गांव की रहने वाली रमावती देवी पांच बार संपूर्ण समाधान दिवस में और चार बार थाना दिवस पर प्रार्थना पत्र दे चुकी है, मगर अभी न्याय नहीं मिल सका है। इसी तरह से कोई दो बार से तो कोई तीन बार से अधिकारियों का चक्कर लगा रहे हैं।
शनिवार को करीब 11 बजे रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में आयोजित थाना समाधान दिवस में पहुंची बहुअरा गांव की वृद्धा रमावती ने बताया कि उसके पति के तीन भाई थे। तीनों भाइयों की बहुअरा में जमीन है। आरोप है कि परिवार के लोग उनकी जमीन पर कब्जा कर घर बनाए और जबरन जोत-कोड़ रहे हैं। इसका विरोध करने पर धमकी दी जा रही है। इस मामले को लेकर वह तहसील एवं कोतवाली में कई बार प्रार्थना पत्र दे चुकी हैं, मगर अभी तक समस्या हल नहीं हो सका है। ग्राम पंचायत निपराज के कमोजी निवासी रामजी ने पेड़ हटाने के लिए प्रार्थना पत्र तीन बार दे चुके हैं। अभी तक स्थिति जस की तस है। भटौलिया गांव के गिरिजाशंकर का जमीन से संबंधित विवाद का निपटारा नहीं हो सका है। वह दूसरी बार पहुंचे थे। सोनारी गांव के लोगों ने नहर का पानी नहीं मिलने की समस्या से अवगत कराया।
कोतवाल सत्येंद्र राय ने जनता की फरियाद सुनीं। घोरावल कोतवाली में एडीएम न्यायिक सुभाष चंद्र यादव की अध्यक्षता में थाना समाधान दिवस पर 26 फरियादियों ने समस्या सुनाई। कोहरथा निवासी मोती ने बताया कि उसका कच्चा मकान है। पास में पुलिया से जल निकासी के लिए पीडब्ल्यूडी की तरफ से लगे पाइप को पड़ोसी ने बंद कर दिया है। इस पर एडीएम ने तत्काल पुलिस भेजकर प्रतिपक्षी को बुलाया और कड़ी फटकार लगाते हुए उससे शाम चार बजे तक पाइप खोलकर घर में घुसे पानी को निकलवाने का निर्देश दिया। इस मौके पर एसडीएम राजेश कुमार सिंह, एएसपी त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, नायब तहसीलदार विदित तिवारी, प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल, क्राइम इंस्पेक्टर शमशेर यादव आदि रहे।
डीएम व एसपी ने ओबरा में सुनीं फरियाद
ओबरा। डीएम बीएन सिंह और एसपी डॉ.यशवीर सिंह ने ओबरा कोतवाली में आयोजित थाना समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याओं को सुना। उनके निस्तारण के लिए संबंधितों को निर्देशित किया। जमीन संबंधित सभी प्रकरणों में पुलिस व राजस्व की टीमें संयुक्त रूप से प्रकरण का निस्तारण करें। इसी क्रम में राजपत्रित अधिकारी व थाना प्रभारी की मौजूदगी में संबंधित थानों पर फरियादियों की समस्याओं को सुनकर कुछ का मौके पर निस्तारण किया गया तथा कुछ के गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित को निर्देशित किया गया।