बभनी और म्योरपुर ब्लॉक क्षेत्र में पानी का संकट गहरा गया है। तालाब, कुआं, नदी-नाले सूख गए हैं, जबकि हैंडपंपों ने भी जवाब दे दिया है। इसकी वजह से आम जनमानस के साथ ही पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से टैंकर से पानी की आपूर्ति कराए जाने की मांग उठाई है।
बभनी ब्लॉक बभनी, जौराही, तालेनाग, असनहर, घघरी, सहगौड़ा, देवनाटोला, चकपानी, रंपाकूदर, राजा सरई आदि गांवों के लोगों के समक्ष पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों शीत कुमार, संतोष, गुलाब, रणबहादुर सिंह, विनोद कुमार, सुनील, गजानंद, बाबूलाल, अनिल का कहना है कि क्षेत्र की पांगन नदी, संवरा नदी, कनवा नदी, बड़होर नदी सूखने के कगार पर है।
इसकी वजह से पशु-पक्षियों के समक्ष भी पानी का संकट उत्पन्न हो गया है। बभनी मोड़ पर सात हैंडपंप लगे हैं, लेकिन एक मात्र शिव मंदिर परिसर में लगा हैंडपंप पानी दे रहा है। ग्रामीणों ने रिबोर कराए जाने के साथ ही टैंकर के जरिए पानी की आपूर्ति कराए जाने की मांग की है। उधर म्योरपुर ब्लॉक के सागोबांध गांव में मनरेगा से सुलवनिया नाला पर बने दो चेकडैम सूख गए हैं। ग्रामीणों संतोष कुमार, जयशंकर, वासदेव, रामलाल, विजय, कमलेश, सोनू, जगदीश, संजय, राकेश ने जिला प्रशासन से हैंडपंपों की मरम्मत कराने की मांग की है।