अनपरा में रेलवे स्टेशन के पहले स्थित पुलिया के पास पटरी से उतरा मालगाड़ी का वैगन।
अनपरा रेलवे स्टेशन के पास स्थित भयावह पुलिया पर 16 घंटे के भीतर कोयला लदी दो मालगाड़ियां (एक-एक वैगन) पटरी से उतर गईं। पटरी से उतरे वैगनों के आधे किमी तक घसीटने से आठ सौ स्लीपर टूट गए। संयोग ही था कि पुलिया से कोई वैगन नीचे नहीं गिरा, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। वाकए के चलते दो ट्रेनें रद्द कर दी गईं। देर शाम तक शक्तिनगर-अनपरा-करैला रोड पर रेलवे यातायात ठप था। दुर्घटना राहत दल स्थिति दुरुस्त करने में लगा हुआ था। मामले की जांच शुरू हो गई है।
झारखंड से कोयला लेकर लैंको के ककरी वारफाल स्थित अपलोडिंग प्वाइंट पर आ रही मालगाड़ी के इंजन के पीछे वाला वैगन सोमवार की रात 12.40 बजे भयावह पुलिया पर पटरी से उतर गया। गाड़ी रोकते-रोकते करीब आधा किमी तक वैगन घसीटने से लगभग आठ सौ स्लीपर टूट गए। इससे रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। शक्तिनगर-इंटरसिटी एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया।
चोपन-शक्तिनगर पैसेंजर को भी करैला रोड स्टेशन से ही वापस कर दिया गया। उधर, एरिया मैनेजर सिंगरौली एके झा, डीएमई प्रेम कुमार, एईएन अतुल त्रिपाठी की अगुवाई में सिंगरौली, चोपन, रेणुकूट, विंढमगंज से पहुंचे दुर्घटना राहत दल ने कड़ी मशक्कत कर चार बजे के करीब आवागमन बहाल कर लिया। अनपरा से चलकर राहत दल करैला रोड तक पहुंचा ही था कि मंगलवार की शाम 4.41 बजे बीना से कोटा (राजस्थान) कोयला लेकर जा रही मालगाड़ी का 27वां वैगन भयावह पुलिया पर ही पटरी से उतर गया।
इसको देखते हुए कोयला लदी मालगाड़ियों को जहां-तहां रोक दिया गया है। डीटीएम चोपन विश्वरंजन ने कहा कि ट्रैक दुरुस्त होने के कुछ देर बाद ही दूसरी मालगाड़ी का बेपटरी होना गंभीर मामला है। डीआरएम को स्थिति से अवगत करा दिया गया है।