दुद्धी । इलाके के नगवां गांव के पास कनहर नदी स्थित बालू साइट पर रविवार की शाम चार बजे ग्रामीणों ने एक सप्ताह पूर्व एक व्यक्ति की मौत को लेकर धावा बोल दिया।उनका आरोप था कि इसी साइट पर उनकी हत्या की गई थी लेकिन पुलिस और साइट संचालक मिलकर मामले की लीपापोती करने में जुटे हुए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने पोकलेन मशीन में तोड़फोड़ करते हुए गाड़ी से बैटरी निकाल कर फेंक दिया। वहां लगे मड़हे भी उजाड़ दिए। खबर पाकर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला संभाला। तनाव की स्थिति बनी हुई है। एहतियातन पुलिस और पीएसी टीम देर रात तक मौके पर बनी हुई थी।
कोतवाली क्षेत्र से गुजरी कनहर नदी के नगवां बालू साइट के समीप 23 मई की शाम रामसुंदर (55) निवासी पकरी का शव कनहर नदी में मिला था। जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर जाकर शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की थी। पुलिस ने परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इस बीच जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उसमें रामसुंदर की मौत पानी में डूबने से होने की बात बताई गई। जबकि ग्रामीण और परिवारीजनों का कहना था है कि रामसुंदर की हत्या हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले में पुलिस तहरीर लेने से भी काफी आना-कानी कर रही थी। अब पीएम रिपोर्ट का हवाला देकर कार्रवाई से इंकार किया जा रहा है। इससे खफा परिवारीजन और ग्रामीणों का समूह रविवार की शाम चार बजे बालू साइट पर धमक पड़ा और हंगामा शुरू कर दिया।
जेसीबी का शीशा तोड़ने के साथ ही बैटरी निकालकर फेंक दी। वहां लगे मड़हे उजाड़ दिए। उनका कहना था कि पुलिस जिस स्थान पर रामसुंदर की लाश मिलना बता रही है, वहां उनकी कई बार तलाश की गई थी लेकिन कहीं कोई शव नहीं मिला था। जबकि पुलिस ने देर शाम उसी स्थान पर शव मिलने की सूचना दी। मृतक के पुत्र विद्या प्रसाद का कहना है कि उसके पिता की कनहर नदी में जमीन पड़ती है, इस नाते वह अक्सर अपनी जमीन से बालू उठाने का विरोध करते थे। इसी नाते उनकी हत्या कर दी गई। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नदी में डूबने को मौत की वजह प्रदर्शित होना बताया जा रहा है। कहा कि यह थ्योरी परिवार के किसी भी सदस्य के गले नहीं उतर रही थी। जिस वक्त उसके पिता का शव मिला था, उस दौरान उसके शरीर पर चोट के कई निशान भी थे। मृतक के मझले भाई रामजीत का कहना है उनका भाई भैंस चराने घर से निकला था, दो दिन तक घर नही आया। दूसरे दिन शाम को नदी से उसकी लाश मिलने की जानकारी मिली। कहा कि जिस समय शव निकाला गया था, उस समय का दांत टूटा हुआ था। कान के पास खून जमा था। गर्दन टूटी हुई थी। परिवारीजनों ने पीएम रिपोर्ट को गलत बताते हुए मामले के उच्च स्तरीय जांच की मांग की। ग्रामीणों का हंगामा करीब घंटे भर चलता रहा। पुलिस ने किस तरह समझा-बुझाकर लोगों को वहां से हटाया। बावजूद नदी के दूसरे छोर पर बीस से अधिक ग्रामीण देर रात तक जमे हुए थे। तनाव की स्थिति को देखते हुए क्षेत्राधिकारी संजय वर्मा की अगुवाई में पुलिस और पीएसी मौके पर बनी हुई थी। सीओ संजय वर्मा ने बताया कि कुछ लोगों नगवा बालू साइट पर हंगामा और तोड़ फोड़ की है। उन्हें समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण है। एहतियातन हालात पर निगरानी बनाए हुए हैं। अगर प्रकरण को लेकर किसी पक्ष से कोई तहरीर मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।