म्योरपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंदूर में कांवड़ यात्रा मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। सावन मास में आस्था की डगर बने इस रास्ते से कांवड़ियों, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को नुकीले पत्थरों और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है।
इससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों ने मंगलवार को सिंदूर तिराहे पर प्रदर्शन कर सड़क मरम्मत की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि करीब दो दशक पूर्व मंडी समिति की ओर से सिंदूर तिराहे से लेकर डॉ. शंकर लाल के घर तक लगभग डेढ़ किमी लंबी पक्की सड़क बनी थी। यह अब पूरी तरह से उखड़ चुकी है।
सावन महीने में यह मार्ग सिंदूर टीका धाम से जरहा स्थित सिद्ध अजीरेश्वर महादेव मंदिर तक जल चढ़ाने वाले कांवड़ियों की मुख्य राह है। दुर्गम रास्ते से गुजरते वक्त कांवड़ियों को फिसलन और पत्थरों से चोट लगने का खतरा रहता है। इससे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है।
आक्रोशित ग्रामीण डॉ. शंकर लाल, दीप नारायण, देवंती देवी, महेंद्र कुमार, निर्जला कुमारी, सुशील कुमार, सुंदरलाल, शिवनारायण, विश्वनाथ, उदयनारायण आदि ने बताया कि खराब सड़क की वजह से लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ तो आक्रोश फूट सकता है। पीडब्ल्यूडी के जेई संतोष कुमार सिंह ने बताया कि जांच कर मरम्मत कराई जाएगी।