अगोरी किला पर बैठक के दौरान अगोरी परगना के ग्रामीण। स्रोत स्वयं
ओबरा। अगोरी और सिंगरौली परगना के 433 गांवों के ग्रामीणों के भौमिक अधिकार के मुद्दे को लेकर अगोरी किले पर गैर राजनीतिक बैठक एवं विचार-विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 100 से ज्यादा टोलों के मूल निवासियों ने अपनी खतौनी प्रस्तुत की। मूल निवासी अधिकार मंच के संयोजन में हुई बैठक में ग्रामीणों ने वर्षों से चली आ रही भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष को तेज करने का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से लगभग 80 वर्ष बीत जाने के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीणों को अपनी जमीन पर पूर्ण भौमिक अधिकार नहीं मिल पाया है। बैठक में अगोरी ग्राम प्रधान राम प्रताप साहनी, राम सजीवन यादव, अमरेश गुर्जर, अजय कुमार, कुंजबिहारी सिंह, कालीचरण खरवार, राजेंद्र सिंह, बद्री सिंह गोंड, नागेंद्र भारती, श्रीराम भारती, दयाराम बैसवार, हरिशंकर यादव, राजकुमार यादव, ललित बैगा, मैनेजर शर्मा, शंकर निषाद आदि मौजूद रहे।