Sonbhadra News: वीडियो की जांच कराई जाएगी, अगर दवाएं जलाने की बात पुष्ट होती है तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शुभम त्रिपाठी का कहना था कि किसी शरारती तत्व ने कूड़े में आग लगाई थी। उसमें दवा नहीं थी।
सोनभद्र के चतरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो के जरिए दावा किया गया है कि पीएचसी परिसर में दवाएं जलाई जा रही हैं। उपयोग न होने के कारण यह दवाएं एक्सपायर हो गई थीं। हालांकि, पीएचसी के जिम्मेदारों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। फिलहाल, सीएमओ ने वायरल वीडियो की जांच शुरू करा दी है।
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इस बाबत, उनका कहना है कि दवाएं जलाने की बात प्रथम दृष्टया स्पष्ट नहीं है। जांच कराने के बाद समुचित कार्रवाई की जाएगी। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि दवाओं के रैपर, डिब्बे, इंजेक्शन आग की भेंट चढ़ रहे हैं। यह खाली हैं या इसके अंदर दवा-इंजेक्शन भी है, यह स्पष्ट नहीं हो रहा।
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वायरल वीडियो को चतरा पीएचसी का ही बताया जा रहा है। हालांकि, अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता। यह दावा किया गया है कि पीएचसी में मरीजों के वितरण के लिए आई दवाओं को उपयोग न होने के कारण जलाकर नष्ट किया जा रहा है। वीडियो दो-तीन दिन पहले का है।
पूर्व में करीब 20 दिन पहले भी इस तरह दवाएं जलाकर नष्ट किए जाने की बात कही गई है। इस बाबत, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शुभम त्रिपाठी का कहना था कि किसी शरारती तत्व ने कूड़े में आग लगाई थी। उसमें दवा नहीं थी।
वीडियो की जांच कराई जाएगी, अगर दवाएं जलाने की बात पुष्ट होती है तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, वीडियो वायरल होने के बाद सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार चतरा पीएचसी पहुंचे। वहां प्रभारी चिकित्साधिकारी व स्वास्थ्य कर्मचारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। सीएमओ ने भी कूड़ा जलाने की बात कही। हालांकि, यह भी कहा कि कूड़ा नष्ट करने का यह तरीका ठीक नहीं है। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की बात कही।