सोनभद्र। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर पिछले दिनों जनजातियों की जनसंख्या का निर्धारण हुआ था। इसकी ब्लाकवार सूची भी विभाग ने पंचायती राज निदेशालय को भेज दी थी, लेकिन निदेशालय ने ग्राम पंचायतवार जनसंख्या के सत्यापन का निर्देश दिया है। इस पर एडीओ पंचायतों की अगुवाई में सत्यापन का कार्य शुरू करा दिया गया है।
पंचायत चुनाव को लेकर तैयारी तेज कर दी गई है। जिला पंचायत से लेकर ग्राम पंचायत के वार्डों का परिसीमन कर दिया गया है और उनका अंतिम प्रकाशन भी हो चुका है। इसका पूरा डाटा पंचायती राज निदेशालय को जिला पंचायती राज अधिकारी कार्यालय की ओर से भेज भी दिया गया है। पंचायती राज निदेशालय ने जनजातियों का नए सिरे से सत्यापन शुरू करा दिया है। वजह यह है कि तमाम ऐसे गांव हैं, जहां जनजातियों की संख्या तो सरकारी रिकार्ड में है, लेकिन गांव में जनजाति नाममात्र के होते हैं। ऐसे में जनजाति सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए इस वर्ग के लोगों की संख्या नहीं रहती, जिससे तमाम सीटों पर चुनाव नहीं हो पाता है। जिला पंचायती राज अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जनजातियों की संख्या के आधार पर उनकी मौजूदगी का सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि सीटों के आरक्षण में कोई खामी ना हो। सत्यापन का कार्य सभी ब्लाकों के एडीओ पंचायतों की देखरेख में कराया जा रहा है।
हाल ही में ब्लाकवार हुआ था निर्धारण
पंचायती राज विभाग में अभी हाल में ही ब्लाकवार जनजातियों की संख्या का निर्धारण कर पंचायती राज निदेशालय को भेजा गया था। इसमें नगवां ब्लॉक में जनजातियों की संख्या 27599 दर्शायी गई है। इसी तरह चतरा में 6902, रॉबर्ट्सगंज में 13898, घोरावल में 11562, चोपन में 73175, म्योरपुर में 83203, दुद्धी में 62082, बभनी में 52093, करमा में 2648 और कोन ब्लॉक में 32439 जनसंख्या जनजातियों की दर्शायी गई है। इस तरह जिले में जनजातियों की कुल जनसंख्या 365601 है। अब जनसंख्या के आधार पर ग्राम पंचायतों में जनजातीय वर्ग के लोगों की मौजूदगी का सत्यापन शुरू हो गया है।