चिल्काटांड गांव में सोमवार को आयोजित जन कल्याण शिविर हंगामे की भेंट चढ़ गई। नोडल अधिकारी के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों ने प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
इसके बाद मौजूद अधिकारियों ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। गांव में शिविर के लिए सुबह 11 बजे का समय निर्धारित किया गया था। इसके लिए सुबह से ही पंचायत भवन पर ग्रामीणों का जमावड़ा लगने लगा।
जब दोपहर एक बजे लोगों को बताया गया कि नोडल अधिकारी नहीं आ रहे तो लोगाें का धैर्य जवाब दे गया। इसके बाद लोग नारेबाजी करने लगे। इस बीच पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराने का प्रयास शुरू किया।
हद तो तब हो गई जब एडीओ पंचायत प्रेमनाथ चौबे व पंचायत सचिव हरिओम सिंह भी कार्यक्रम से गायब रहे। दोपहर बाद दोनों अधिकारियाें के पहुंचने से नाराज लोगाें ने बैठक को बेमतलब बता कर व्यवस्था को कोसने लगे।
इस बीच ग्राम प्रधान नंदलाल ने किसी तरह शिविर की औपचारिकता पूरी की और लोगों को गांव में कराए गए विकास कार्यों की जानकारी व इस मद में खर्च की गई धनराशि की जानकारी दी।
पंचायत क्षेत्र के बलियानाला वार्ड 13 की सदस्य रीना देवी की अगुवाई में पहुंची महिलाओं ने विकास कार्यों पर सवाल खड़ा किया और कहा कि जिले की बड़ी पंचायतों में शुमार चिल्काटांड में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों की उदासीनता पर कड़ी आपत्ति जताई और फिर से कार्यक्रम तय करने की मांग की।
इस मौके पर खास तौर पर कांग्रेस नेता रवि, उर्मिला देवी, राहुल शर्मा, बबलू, संतोष आदि मौजूद रहे।