बृहस्पतिवार की शाम पुलिस ने घटना में नायडू गिरोह की संलिप्तता का खुलासा करते हुए गिरोह की महिला सदस्य और दो बाल अपचारियों को पकड़ा था। सीओ रणधीर मिश्र ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान ही तीन अन्य सदस्यों के भी जिले में आने और किसी अन्य घटना को अंजाम देने की फिराक में होने की जानकारी मिली। इस आधार पर पुलिस की तीन टीमें बनाकर चुर्क रेलवे स्टेशन के पास घेरेबंदी की गई। पुलिस को देखते हुए बदमाशों ने फायर किया।
जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश घायल हुए, जबकि तीसरे को मौके से दबोच लिया गया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान महाराष्ट्र के नंदूरबार निवासी गैंग लीडर सुब्रमण्यम वेंकेट स्वामी, बालामुर्गन और तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली निवासी रामू नायकर के रूप में हुई। उनके पास से 1.35 लाख रुपये नकद, देसी तमंचा, दो कारतूस भी बरामद हुए। गोली लगने से घायल सुब्रमण्यम और बालामुर्गन को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। उनके विरुद्ध रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उधर, मामले में एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि गिरोह का नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है। इससे पहले बदमाशों ने तीन अक्तूबर के उरमौरा रोड पर मिशन अस्पताल के सामने खड़ी कार का शीशा खोलकर नकदी व अन्य सामान उड़ाए थे।
गत 13 दिसंबर को फतेहपुर जिले के बिंदकी थाना क्षेत्र में भी ऐसी ही टप्पेबाजी की घटना को अंजाम दिया था। पकड़े गए बदमाशों पर लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, इंदौर समेत अन्य जिलों में भी एफआईआर दर्ज है। पुलिस उनका अन्य रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
गिरोह काफी शातिर है। सीसी टीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से टीम उन तक पहुंची है। गिरोह तमिलनाडु, महाराष्ट्र से लेकर कई राज्यों तक फैला है। उन पर दर्ज अन्य मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को पर्दाफाश करने वाली टीम को सराहनीय कार्य के लिए 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। - अभिषेक वर्मा, एसपी।