ओबरा तापीय परियोजना के ताप विद्युत गृह की 50 मेगावाट की पहली एवं दूसरी इकाई को उच्च प्रबंधन द्वारा बंद किए जाने के विरोध स्वरूप 11 ट्रेड यूनियनों ने लामबंद होकर गुरुवार की सुबह परियोजना के मुख्य गेट पर प्रदर्शन करते हुए आम सभा किया। इस दौरान बिजली कर्मचारियों ने बिजली प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सभा को संबोधित करते हुए उत्पादन निगम बिजली कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि बिजली प्रबंधन द्वारा चलती इकाइयों में थोड़ी गड़बड़ी आने पर बंद कर देना देशद्रोह से कम नहीं है।
परियोजना के विस्तारीकरण के तहत 660 मेगावाट की इकाईयों को लगाए बिना पुरानी इकाईयों को बंद नहीं करना चाहिए। इन इकाईयों के बंद करने से जहां गांवों को 18 घंटे बिजली देने की योजना पर असर पड़ेगा। वहीं हजारों की संख्या में संविदा श्रमिक भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे।
हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन के प्रांतीय महामंत्री हरदेव नारायण तिवारी ने कहा बिजली मजदूर इकाईयों को चालू कराने के लिए किसी भी स्तर पर जाकर विरोध-प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।
अभियंता संघ के अदालत वर्मा एवं उप्र ताप विद्युत मजदूर संघ के अध्यक्ष राधामोहन प्रजापति ने कहा कि निगम हित, प्रदेश हित, किसान हित में दोनोथं इकाईयों को चलाया जाना चाहिए। दोनों इकाईयों के अनुरक्षण पर लिया गया कर्ज भी अभी तक चुकाया नहीं गया है तथा यहां बिजली उत्पादन लागत अब और ज्यादा हो जाएगा।
सभा में योगेंद्र प्रसाद, शशि श्रीवास्तव, आरपी त्रिपाठी, दिनेश यादव, शाहीद अख्तर, रामकृपाल यादव, फागू चौहान, इं. उत्पलशंकर, इं. मनीष मिश्रा, प्रशांत श्रीवास्तव, पंकज राव, सीवी सिंह मौजूद रहे। सभा की अध्यक्षता बीडी विश्वकर्मा तथा संचालन मंगरू चौहान ने किया।