अनपरा तापीय परियोजनाओं में कोयले के संकट के बावजूद सूबे में अचानक से बढ़ी बिजली की मांग को पूरा करने के लिए इकाइयां क्षमता से अधिक बिजली का उत्पादन कर रही हैं। राज्य उत्पादन निगम की दस में आठ परियोजनाएं करीब सौ मेगावाट से अधिक बिजली पैदा कर रही हैं।
कोयला संकट के कारण बंद हुई हरदुआगंज और पारीक्षा की एक-एक इकाई दोबारा चालू नहीं हो सकी हैं। ऐसे में बढ़ती बिजली की मांग की आपूर्ति करने के लिए 10 में से आठ परियोजनाओं से क्षमता से अधिक उत्पादन कराया जा रहा है। बुधवार के आंकड़ों के अनुसार अनपरा तापीय परियोजना की तीनों इकाइयों से 2327 की क्षमता के सापेक्ष 2380 मेगावाट उत्पादन किया गया। वहीं हरदुआगंज की उत्पादनरत दो इकाइयों से 845 के सापेक्ष 861 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया गया। वहीं ओबरा बी की इकाई से 526 के सापेक्ष 534 मेगावाट और पारीछा की उत्पादनरत दो इकाइयों से 520 के सापेक्ष 550 मेगावाट का उत्पादन किया गया। इस तरह 4218 लक्ष्य के सापेक्ष सभी परियोजनाओं से 4326 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया गया। कोयला संकट के बीच बढ़ती बिजली की मांग के कारण परियोजनाओं की सभी इकाइयों से क्षमता से अधिक उत्पादन कराया जा रहा है जिससे सूबे की बिजली की मांग को पूरा किया जा सके। वहीं हरदुआगंज और पारीछा-ए इकाई से उत्पादन अब भी शून्य है।
हरदुआगंज ई से शुरू हुआ उत्पादन
बढ़ती बिजली की मांग के बीच हरदुआगंज की दो इकाइयों से सोमवार को उत्पादन शून्य हो गया था। इसके बाद बिजली संकट बढ़ने के आसार नजर आ रहे थे। वहीं बुधवार को परियोजना की ई इकाई से दोबारा उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया। रेल रैक से आपूर्ति शुरू न होने के कारण सभी परियोजनाएं किसी भी प्रकार से कोयले की कमी को दूर करने के लिए प्रयासरत हैं। परियोजनाओं में रखा कोयले का स्टॉक और एमजीआर से मंगाया जा रहा कोयला दोनों ही बढ़ती मांग के बीच कम पड़ रहे हैं।