सोनभद्र/घोरावल। 17 जुलाई 2019 को घोरावल तहसील क्षेत्र के उभ्भा गांव में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में 11 आदिवासियों की जान चली गई थी। इस मामले में पुलिस ने 28 नामजद और 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय को सौंपा। विशेष न्यायालय एससी-एसटी के यहां चल रही सुनवाई के तहत बृहस्पतिवार को पुन: सुनवाई होनी थी, लेकिन मुख्य वादी की तबीयत खराब होने के कारण वह नहीं आ सका। ऐसे में न्यायालय ने सुनवाई के लिए अगली तिथि तय की है।
आदिवासियों की ओर से वकील नित्यानंद द्विवेदी ने बताया कि मामले की सुनवाई में बृहस्पतिवार को मुख्य वादी लल्लू की गवाही होनी थी, लेकिन उसकी तबीयत खराब हो गई। इसकी सूचना उसने पैरोकार के जरिए दी है। ऐसे में अब अगली सुनवाई 14 अप्रैल को होगी। घोरावल सीओ संजय वर्मा ने बताया कि उभ्भा कांड में मृतक रामसुंदर के पुत्र लल्लू सिंह की तहरीर पर ही तत्कालीन प्रधान यज्ञदत्त सहित 28 नामजद और 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। बृहस्पतिवार को न्यायालय में सुनवाई होनी थी, वहां लल्लू की गवाही थी, लेकिन तबीयत खराब होने से गवाही नहीं हो सकी।
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11 लोगों की मौत से दहल गया था सोनांचल
जुलाई 2019 सोनभद्र के इतिहास में काले अक्षर में लिख गया। इसकी वजह उभ्भा कांड है। वहां एक सोसाइटी की जमीन को लेकर वहां तत्कालीन प्रधान यज्ञदत्त भूर्तिया पक्ष और आदिवासी परिवार के बीच इस कदर विवाद हुआ था कि खूनी संघर्ष हो गया। इसे सरकार ने गंभीरता से लिया और तत्काल कई अधिकारी निलंबित किए गए। आदिवासियों को मुआवजा भी दिया गया। यह घटना देशभर में चर्चा का विषय बन गई थी।