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Sonebhadra News: जादू-टोने के शक में दो युवकों को बांधकर लटकाया, बेरहमी से पीटा

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सोनभद्र। जुगैल थाना क्षेत्र के खरहरा गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली वारदात हुई है। यहां रिश्तेदारी में आए दो दोस्तों को जादू-टोने के शक में डंडे में लटकाकर पूर्व प्रधान के घर ले जाया गया। वहां हाथ-पैर बांधकर उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। घटना एक हफ्ते पहले की है।
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शनिवार को इसका वीडियो वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया। सीओ ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने एससी-एसटी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
ओबरा थाना क्षेत्र के रास पहाड़ी (बिल्ली-मारकुंडी) निवासी राजू चोपन थाना क्षेत्र के सिंदुरिया टोला बखरौड निवासी दोस्त मनोज अगरिया के साथ जुगैल थाना क्षेत्र के देवखर (खरहरा) गांव में 16 अक्तूबर को गया था। वहां पहुंचने पर पता चला कि उसके साढ़ू कहीं बाहर गए हैं। दोनों अपने साथ एक मुर्गा भी खाने के लिए ले गए थे।
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साढ़ू के न मिलने पर दोनों खरहरा गांव स्थित तालाब के किनारे आग जलाकर मुर्गा भूनने लगे। कुछ ग्रामीणों को शक हुआ कि दोनों तालाब के किनारे बैठकर जादू-टोना कर रहे हैं। तालाब गांव के पूर्व प्रधान लल्लू उर्फ रामविलास का बताया जा रहा है।
ग्रामीणों ने इसकी जानकारी लल्लू को दी। लल्लू ने उन्हें घर लाने के लिए कहा। पीड़ितों के अनुसार इस बीच 5-6 ग्रामीण पहुंचे और दोनों को डंडे से बांधकर कंधे पर लटकाकर पूर्व प्रधान के घर ले गए। वहां दोनों की लाठी-डंडे से जमकर पिटाई की गई। दो दिन तक मामला दबा रहा। 18 अक्तूबर को पीड़ित युवक खैरटिया निवासी समाजसेवी अमर नाथ उजाला के पास पहुंचे। अगले दिन वह उन्हें लेकर जुगैल थाने पहुंचा तो पुलिस ने राम विलास और लल्लू, जितेंद्र, दयाशंकर समेत छह लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो शनिवार को पीड़ितों से जुड़े व्यक्ति ने घटना का वीडियो वायरल कर दिया।

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सुभासपा नेता सहित कई थे घटना में शामिल :
पीड़ितों ने तहरीर में पूर्व प्रधान लल्लू के ललकारने पर उनके बेटे, दामाद सहित अन्य लोगों पर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए पिटाई का आरोप लगाया है। इसमें एक आरोपी के सुभासपा से जुड़ा होने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि दोपहर से शाम 4 बजे तक उन्हें बंधक बनाए रखा गया। बीच-बीच में लोग उन्हें पीटते रहे। किसी तरह वह लोग छूटकर वहां से भागे और अस्पताल जाकर इलाज कराया। इसके बाद पुलिस को तहरीर दी गई।
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मामले में 19 अक्तूबर को ही एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। घटना की जानकारी मिलने पर शनिवार को पीड़ितों के बयान दर्ज कर उनका मेडिकल कराया गया है। बाकी चार आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। - हर्ष पांडेय, सीओ ओबरा।
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