डोडा के साथ गिरफ्तार तस्कर। स्त्रोत:पुलिस
सोनभद्र। दुद्धी कोतवाली पुलिस ने डोडा तस्करी के अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। झारखंड के डाल्टनगंज (पलामू) से बरेली ले जाया जा रहा 1.38 क्विंटल डोडा को नौ बोरियों में भरकर अर्टिका कार की पिछली सीट पर छिपाया गया था। वाहन समेत डोडा की कुल कीमत करीब 30 लाख है। पुलिस ने दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ के आधार पर पुलिस उनके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
एएसपी ऋषभ रुणवाल ने शनिवार की शाम पुलिस लाइन में मीडिया को इस सफलता की जानकारी दी। बताया कि शनिवार सुबह दुद्धी कोतवाल विश्वनाथ प्रताप सिंह पुलिस टीम के साथ रजखड़ तिराहे पर संदिग्ध वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर विंढमगंज की ओर से सफेद रंग की संदिग्ध अर्टिका कार को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देख चालक ने कार रोकने की बजाय तेज गति से भगाने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने पीछा कर रजखड़ घाटी में चढ़ाई से पहले मोड़ पर कार को रोक लिया।
चालक और उसके साथ बैठे व्यक्ति को पकड़कर वाहन की तलाशी ली गई तो कार की पिछली सीट निकालकर बनाए गए स्थान में नौ प्लास्टिक की बोरियां मिलीं। इनमें कुल 1 क्विंटल 38 किलो 538 ग्राम डोडा बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन और कार को भी कब्जे में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान बरेली के नई बस्ती खलीलपुर रोड सीबीगंज निवासी अनूप साहू (31) और नंदोसी निवासी राहुल मौर्या (24) के रूप में हुई। अनूप ने पुलिस को बताया कि वह अपने साथी राहुल मौर्या के साथ झारखंड के डाल्टेनगंज क्षेत्र से डोडा लेकर बरेली जा रहा था। दोनों दो सितंबर को बरेली से बिहार के रास्ते डाल्टेनगंज पहुंचे थे, जहां उन्हें डोडा की नौ बोरियां मिली थीं। इन्हें कार की पिछली सीट निकालकर छिपाया गया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।