करमा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत परिवारों को पक्की छत दिलाने के लिए कई दिनों से सांसद के कैंप कार्यालय पर फार्म भरवाने के मामले में प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। इस मामले में कुछ ग्राम प्रधानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ग्रामीणों को बरगला कर कतिपय लोगों पर वसूली करने का भी आरोप लगाया था। परियोजना निदेशक ने साफ किया है कि अभी किसी तरह का आवेदन नहीं लिया जा रहा। अगर कोई भी इस तरह का सब्जबाग दिखाकर बरगलाता है तो उसे झांसे में न आएं।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक व करमा बीडीओ आरएस मौर्य ने बताया कि भारत सरकार की ओर से गांवों में निवास करने वाले परिवारों को पक्के आवास की सुविधा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण चलाई जा रही है। आवास योजनांतर्गत वर्तमान में नए लाभार्थियों का चिन्हांकन, सर्वेक्षण के लिए कोई दिशा निर्देश निर्गत नहीं किया गया है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति आवास दिलाने का आश्वासन देता है तो उस पर विश्वास न करें। वर्तमान में आवास प्लस की वेबसाइट बंद है। शासन एवं जिला प्रशासन की ओर से आवास का कोई भी फार्म नहीं भरवाया जा रहा है।