सोनभद्र। होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में नए प्रयोगों और अनुसंधानों पर चर्चा के लिए रविवार को प्रदेश के कई जिलों से विशेषज्ञ चिकित्सक सोनभद्र में जुटे। आइडियल होम्योपैथिक वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के संयोजन में तीन सत्रों में हुई प्रादेशिक होम्योपैथिक वैज्ञानिक संगोष्ठी में वक्ताओं ने होम्योपैथ को सस्ती और अचूक चिकित्सा पद्धति बताया। कहा कि होम्योपैथ की मीठी गोलियों से असाध्य रोगों का सटीक उपचार संभव है। इस दौरान चार राज्यों से सटे जिले में होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज बनवाने की मांग उठी।
मंडी समिति के समीप एक बैंक्वेट के सभागार में संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड, सदर विधायक भूपेश चौबे सहित अन्य अतिथियों ने किया। राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड ने कहा कि असाध्य रोगों का इलाज होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति में है। यह पद्धति अन्य पद्धतियों से सस्ती और लाभकारी है। सरकार इसे बढ़ावा दे रही है। प्रदेश के सभी जिलों में होम्योपैथिक अस्पताल कार्य कर रहे हैं।
विशिष्ट अतिथि भूपेश चौबे ने कहा कि सबसे सस्ती, अच्छी व कारगर चिकित्सा होम्योपैथी की मीठी गोलियों से संभव है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा कहा कि होम्योपैथ मीठी गोलियों से नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य का भी संरक्षण करती है। आइडियल होम्योपैथिक वेलफेयर आर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेएन सिंह रघुवंशी ने सोनभद्र में आदिवासी व गरीब लोगों की सुविधा के लिए होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग रखी। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में बच्चों के व्यवहार का संतुलन विषय पर मुख्य वक्ता डॉ. दिनेश ने विचार रखे। अध्यक्षता डीएस सिंह ने की। द्वितीय सत्र का विषय मानसिक रोग में होम्योपैथिक का क्या महत्व रहा। मुख्य वक्ता प्रोफेसर एसएस पाल रहे और अध्यक्षता डॉ. अर्पिता चटर्जी ने की। तृतीय सत्र का विषय असाध्य रोगों में होम्योपैथिक विधा क्या कर सकती है... रहा। इस सत्र के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद रामशकल और मुख्य वक्ता मनोरंजन पाल रहे। अध्यक्षता आरसी श्रीवास्तव ने की। ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कुसुमाकर श्रीवास्तव, सचिव डॉ. सीबीडी पांडेय ने अतिथियों का सम्मान किया। इस अवसर पर डॉ. अभिषेक देव पांडेय, मनोरंजन पाल, अजीत सिंह, वंशराज आनंद, एके सिंह, आनंद कुमार, अनिल कुशवाहा, बीवी नवाब, दिनेश त्रिपाठी, आरती श्रीवास्तव, आनंद नारायण, रविशंकर मिश्रा, प्रकाश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।