सड़क हादसों में कमी लाने के लिए नवंबर की तरह ही यातायात पुलिस पूरे साल सक्रिय रहती तो शायद सड़कों पर लोगों की जान कुछ कम जाती। पिछले एक माह के अभियान के दौरान 29 सड़क हादसों में 18 लोगों ने जान गंवाई, जबकि इसके पहले दस माह में औसत 32 हादसों और 23 मौत का था।
जिले में हर साल तीन सौ से अधिक लोग सड़क हादसों में जान गंवा देते हैं। ज्यादातर हादसे यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होते हैं। इसमें बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाना, तेज गति, ओवरलोडिंग मुख्य है।
सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने और नियमों का पालन कराने के लिए नवंबर में यातायात माह के दौरान पुलिस विशेष सक्रिय रही। तेज गति और बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों पर शिकंजा कसते हुए खूब चालान किए गए।
इसका नतीजा रहा कि पिछले 30 दिनों में न सिर्फ सड़क हादसों की संख्या कम हुई है, बल्कि मौत का आंकड़ा भी घटा है। इस वर्ष जनवरी से अक्तूबर तक जिले में 315 हादसों में 225 लोगों की मौत हुई है, जबकि 213 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
हर माह 32 हादसे और मौत का औसत 22 से 23 का था। वहीं नवंबर में 29 हादसों में 18 लोगों की जान गई है। 27 लोग घायल हुए।
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दस माह में 65 हजार चालान, सिर्फ नवंबर में ही साढ़े 21 हजार
यातायात माह में हादसों की कमी के पीछे पुलिस की सतर्कता मुख्य कारण रही। चौराहों-तिराहों और हाईवे पर नियम तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई रही। हाल यह रहा कि नियम तोड़ने पर जितने चालान जनवरी से अक्तूबर तक हुए, उसका तिहाई चालान सिर्फ नवंबर में ही किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से नवंबर तक कुल 65605 वाहनों का चालान करते हुए 9.97 करोड़ रुपये शमन शुल्क लगाया गया, जबकि नवंबर में 21579 चालान हुए। इन पर 2.44 करोड़ रुपये का शमन शुल्क लगा।
बिना हेलमेट और गलत पार्किंग पर सबसे ज्यादा चालान
सबसे ज्यादा कार्रवाई बिना हेलमेट लगाए बाइक चलाने वालों पर हुई है। पूरे माह में 15587 लोगों का बिना हेलमेट के कारण चालान किया गया। वहीं गलत पार्किंग पर 3366, तीन सवारी होने पर 1994, बिना सीट बेल्ट कार चलाने पर 572, गलत दिशा में वाहन चलाने पर 461 और मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने पर 302 लोगों का चालान काटा गया।