ओबरा बस स्टैंड के समीप व्यापारियों के समर्थन में प्रदर्शन करते राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन भ?
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ओबरा। स्थानीय सरकारी बस स्टैंड की जमीन में रह रहे 193 लोगों को परिवहन विभाग द्वारा खाली करने के नोटिस देने के बाद नगर के व्यापारियों ने मंगलवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन के बैनर तले ओबरा बाजार बचाओ आंदोलन शुरू कर दिया। इस दौरान व्यापारियों ने बैठक कर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से 11 बजे तक आंदोलन करने का निर्णय लिया।
मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष राज कुमार सोनी ने कहा कि सोनभद्र में कई औद्योगिक क्षेत्र काफी जंगल व पहाड़ों पर बसे हैं जैसे चुर्क, रेणुकूट, अनपरा, शक्तिनगर, बीजपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार - व्यापार के लिए पहले के अधिकारियों द्वारा बसाया गया गया है। बसाए गए व्यापारियों के पास खतौनी नहीं है लेकिन 50 -60 सालों से अपना दुकान व मकान बनाकर जीवन यापन करते रहे हैं। कब्जे के आधार पर घसिया बस्ती चुर्क व उम्भा कांड घोरावल पीड़ितों को मुख्यमंत्री उप्र व जनपद के शीर्ष अधिकारियों ने बसाया है। हजारों व्यापारियों को उजाड़ना मानवीय दृष्टिकोण से उचित नहीं है। ऐसे लोगों को मानवाधिकार संरक्षण देकर उनके साथ अन्याय नहीं होने देगा। मानवाधिकार आंदोलन के संयोजक ओबरा टीम के प्रमुख गिरीश पांडेय ने कहा कि रोडवेज विभाग के अधिकारियों द्वारा दुुकानों व मकानों को किसी भी कीमत पर तोड़नेे नही दिया जाएगा। कहा कि दुकानों के टूटने से हजारों परिवार सड़क पर आ जाएंगे। जिला प्रभारी विजय कुमार केशरी व घोरावल ब्लाक अध्यक्ष दिनेश संदल ने कहा कि 193 लोगों को कानूनी लड़ाई मानवाधिकार लड़ेगा। इस दौरान धर्मेंदर, लाल बाबू सोनकर, शमशेर, हारून, राहुल केशरी, विकाश अग्रहरि, राहुल चौधरी, मंसूर, इरशाद आसिफ, मालती, पुष्पा सहित सैकड़ो व्यापारी मौजूद रहे।