सोनभद्र। शहीद स्थल प्रबंधन ट्रस्ट करारी सोनभद्र की तरफ से स्वतंत्रता दिवस सप्ताह के तहत कचहरी परिसर में रविवार को कौमी एकता व राष्ट्रीयता को समर्पित काव्यांजलि का आयोजन किया गया। इसमें रचनाओं की प्रस्तुति पर कवियों को वाहवाही मिली।
अध्यक्षता कर रहे दिवाकर द्विवेदी मेघ ने दीपदान कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वाणी वंदना के बाद ओज की कवयित्री कौशल्या चौहान ने अपनी रचना - जयहिंद वंदेमातरम का जो करते सम्मान नहीं, वे भारत माता के दुश्मन उनका हिंदुस्तान नहीं... सुनाकर वाहवाही लूटी। सुधाकर पांडेय स्वदेश प्रेम ने तिरंगे में सजे अर्थी, बजे धुन राष्ट्र गीतों की, जनाजा जब मेरा निकले वतन के वास्ते निकले... सुनाया। संचालन कर रहे ट्रस्ट के निदेशक प्रदुम्न त्रिपाठी ने - पूजा जाए शहीदों को खुदा की निस्बत, हम रहें ना रहें कायम ए हिंदुस्तान रहे... सुनाया। दिवाकर द्विवेदी मेघ ने आदमी कमोबेश आदमी तो बने... व्यंग्य रचना सुनाकर श्रोताओं को सोचने पर बाध्य किया। शायर जुल्फिकार हैदर ने - डर जाता हूं खुद के वजूद से, न चाहत है न कोई आस है... सुनाकर आम आदमी की पीड़ा उजागर की। इसी तरह से जयराम सोनी, धर्मेश चौहान ने रचनाएं पढ़़ीं। इस मौके पर जयशंकर त्रिपाठी, रिषभ, शिवमोचन, फारुख अली, गुलाम हुसैन, हर्ष चौहान, अनीषा चौहान आदि रहे।