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Sonebhadra News: इस गर्मी भी वही कहानी, पीना होगा कुएं और चुआड़ का पानी

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नगवां बांध पर ​स्थित तेन्दुआही पेयजल परियोजना। संवाद
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सोनभद्र। करीब साढ़े पांच साल बाद भी जिले के अधिकांश गांवों में पाइप लाइन से जलापूर्ति सुचारू नहीं हो पाई है। ऐसे में इस बार भी लोगों को कुएं, चुआड़ और टैंकर के भरोसे ही प्यास बुझाने के लिए निर्भर रहना पड़ सकता है।
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गर्मी शुरू होते ही पानी का संकट गहराने लगा है। सुदूरवर्ती गांवों में हालत आगे और भी खराब होने वाले हैं। जल जीवन मिशन के तहत 1428 में सिर्फ 534 गांवों में हर घर जल योजना के तहत तक पहुंचा है। हालांकि यह भी नियमित नहीं है।
सोनभद्र में जल जीवन मिशन के तहत 12 पेयजल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जिले में पहले से संचालित कई ग्राम समूह पेयजल परियोजनाओं को भी इस योजना में सम्मिलित किया गया है। जिले में जल जीवन मिशन केे तहत इन परियोजनाओं पर 2020 से काम चल रहा है।
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इनका काम 2024 तक पूरा होना था। केवथा, नगवां, तेन्दुआही समेत छह परियोजनाओं का काम पूरा होने की बात कही जा रही है। हालांकि अधिकांश परियोजाओं का पानी संबंधित गांवों तक नहीं पहुंच रहा है। इन गांवों में पानी आपूर्ति नियमित किए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन यहां पानी आपूर्ति की स्थिति सही नहीं है।
स्थिति यह है कि महीने में कभी कभार ही गांवों में पानी आपूर्ति हो रही है। शिकायत करने के बाद भी समस्या बनी हुई है। कुछ गांव ऐसे हैं, जहां पाइप लाइन बिछाए जाने के बाद भी गांवों में सप्लाई नहीं हो पा रही है।
कई पानी की टंकियां और गांवों में लगी टोटियां शोपीस बनकर रह गई हैं। वहीं जल जीवन मिशन के अधिकारियों की तरफ से 384 गांवों में नियमित पानी आपूर्ति किए जाने की बात कही जा रही है। वहीं 150 गांवों में पानी सप्लाई के लिए पानी आपूर्ति का काम चल रहा है। ऐसे में इस साल भी 800 से अधिक गांवों में ग्रामीणों का हलक तर करने के लिए जिला प्रशासन को टैंकर से पानी आपूर्ति करना पड़ सकता है।

नगवां बांध पर स्थित तेन्दुआही पेयजल परियोजना। संवाद

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