बभनी। सीमावर्ती क्षेत्रों से तेंदू पत्ता तोड़कर छत्तीसगढ़ में बेचा जा रहा है। वन क्षेत्र के मचबंधवा जंगल के समीप बृहस्पतिवार की रात वन निगम और वन विभाग के अभियान में छह बाइक और पिकअप को पकड़ा गया। दो वाहनों को वन विभाग ने सीज कर दिया। अन्य वाहनों को ग्रामीणों ने छुड़ा लिया।
तेंदू पत्ते की तोड़ाई 13 मई से हो रही है। वन निगम की देखरेख में ठेकेदार पत्तों की खरीद फंड मुंशी की मदद से करा रहे हैं। लेकिन यूपी के पत्तों को ग्रामीण छत्तीसगढ़ में बेच रहे हैं। बृहस्पतिवार की रात वन निगम ने इस पर रोक लगाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। इकाई अधिकारी सीबी सिंह ने आरोप लगाया कि यूपी के तेंदू पत्तों को छत्तीसगढ़ में बेचा जा रहा है। ग्रामीण पत्ता फड़ों पर नहीं गिरा रहे हैं। इसकी वजह कीमत है। उत्तर प्रदेश में 196 रुपये प्रति सैकड़े पत्ते की खरीद की जा रही है तो छत्तीसगढ़ में 550 रुपये मिलते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों के फड़ मुंशी ने बताया कि ग्रामीण फड़ों पर पत्ते न बेचकर बाइक व साइकिल से छत्तीसगढ़ पहुंचा रहे हैं। पिकअप से भी पत्तों को ले जाया जा रहा है।
बभनी रेंजर प्रेम प्रकाश चौबे ने बताया कि 112 नंबर पर शिकायत दर्ज कराई गई है। रात्रि गश्त के दौरान दो बाइक को सीज किया गया है। वन निगम के इकाई अधिकारी सीबी सिंह ने बताया कि रात में वन विभाग की टीम दो लोगों को ले गई। बाकी आरोपियों को पकड़ने के बावजूद कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। ग्रामीण मारपीट की धमकी देकर वाहनों को ले गए।