फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: वार्डों में कूलर भी नहीं, लू जैसी लग रही पंखे की हवा

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। जिले का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आस-पास है। तेज धूप में निकलने पर त्वचा झुलस रही है। स्वास्थ्य विभाग लोगों को गर्मी से बचने की सलाह दे रहा है, लेकिन खुद जिला अस्पताल में ही भर्ती मरीज, तीमारदार और यहां तक कि स्टाफ भी गर्म हवा के थपेड़े खाने को विवश हैं। उन्हें पंखे की गर्म हवा के सहारे ही रहना पड़ रहा है। मेडिकल काॅलेज के एल-टू अस्पताल और जिला अस्पताल के वार्डों की पड़ताल के दौरान गर्मी से बचाव के इंतजाम नाकाफी दिखे।
विज्ञापन

वार्डों में लगे ज्यादातर कूलरों में पानी नहीं भरा जा रहा है। कुछ वार्ड में कूलर भी नहीं हैं। वह भी तब जबकि हर साल कूलर, एसी की खरीद और मरम्मत पर लाखों खर्च हो रहे हैं। एलटू अस्पताल के दूसरे तल पर वार्ड में पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है।

स्टाफ नर्स और जूनियर रेजिडेंट गर्मी से बेहाल
एल-टू अस्पताल के वार्ड में गर्मी से राहत के प्रबंध नहीं हैं। चारों तरफ से शीशे से बंद इस वार्ड में हवा प्रवेश नहीं करती। वार्ड में ड्यूटी करने वाले जूनियर रेजिडेंट के लिए कूलर का इंतजाम नहीं है। पास में मौजूद स्टाफ नर्स रूम में भी व्यवस्था नदारद है। यह कर्मी पसीना पोछते हुए काम करने को विवश हैं। पास में मौजूद हड्डी वार्ड, मेडिसिन वार्ड, डेंटल वार्ड के आठ ब्लॉक में भी कूलर नहीं हैं। ऐसे में मरीजों और तीमारदारों की बीमारी बढ़ रही है तो गर्मी से ऑपरेशन वाले मरीजों के घावों में सड़न का डर बना है। नीचे हड्डी विभाग, मेडिसिन और डेंटल की ओपीडी में भी स्थिति ऐसी ही है।
विज्ञापन

तीन खराब कूलरों में पानी की जगह पान मसाला के पैकेट
जिला अस्पताल के महिला और पुरुष जनरल वार्ड की पड़ताल के दौरान सामने आया कि दोनों वार्डों में दो पुराने कूलर लगे हैं, मगर दोनों ही खराब पड़े हैं। कूलर की टंकी में पानी की जगह खराब कपड़े और पान मसाला के खाली पैकेट और दोना भरे हुए हैं। अंदर जाला भी लगा है। पास में मौजूद स्टाफ ड्यूटी रूम में कूलर का प्रबंध नहीं है।
बर्न वार्ड की एसी खराब
अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष के पास बर्न वार्ड बनाया गया है। इस वार्ड की दो में से एक एसी खराब हैं। एक एसी चालू है, पर उससे कूलिंग नहीं हो रही है। पास में मौजूद सर्जरी वार्ड में लगा कूलर खराब है। वार्डों में शीशे की खिड़कियों पर पर्दे भी नहीं है। इससे धूप अंदर पहुंचकर परेशानी बढ़ाती है। प्रसूता वार्ड और एनआरसी में भी कूलर नहीं है। इससे नवजातों में बीमारी का खतरा बढ़ गया है। दूसरी ओर ओपीडी कक्ष, जहां पूर्व में चिकित्सकों के कक्ष में एसी लगा था, वह भी खराब है। पोषण पुनर्वास केंद्र में भी बच्चों के लिए कूलर नहीं है।

कूलर चलते नहीं देखा
न्यू कॉलोनी निवासी बंटी के डेढ़ साल के बेटे हिमांशु को बुखार और गर्मी के लक्षणों के बीच तीन दिनों पूर्व जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। बंटी ने बताया कि उन्होंने कूलर चलते नहीं देखा। कूलर में कचरा भरा है।

लग रहा सब हो जाएंगे बीमार
पन्नूगंज के सफरीपुर निरासी प्रेम (65) जिला अस्पताल में भर्ती हैं। कूलर नहीं चलने से परेशान हैं। बताया कि अस्पताल में आकर लग रहा है कि गर्मी से सब लोग बीमार हो जाएंगे। अस्पताल के लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सभी वार्डों में कूलर लगवाकर नियमित पानी डालने की जिम्मेदारी तय की गई है। अगर कोई कर्मचारी लापरवाही कर रहा है तो कार्रवाई की जाएगी। जहां गर्मी से बचाव के प्रबंध नहीं है, वहां भी जल्द व्यवस्था कराई जाएगी। - प्रो. एसके सिंह, प्राचार्य- मेडिकल काॅलेज लोढ़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें