रॉबर्ट्सगंज तहसील परिसर में मंगलवार की देर शाम आग लगने के कारणों की जांच होगी। डीएम ने इसकी मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश दिए हैं। एडीएम वित्त सहदेव मिश्र को जांच अधिकारी नामित करते हुए 15 दिनों में पूरे मामले की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
तहसील कार्यालय से सटे रहवासियों ने मंगलवार की शाम करीब सात बजे परिसर से तेज धुआं उठते देख फायर ब्रिगेड को सूचना दी थी। अग्निशमन विभाग के कर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे तो कार्यालय के गेट पर दोनों तरफ से ताला बंद था।
किसी तरह वह दीवार फांदकर सीिढ़यों से होते हुए छत पर पहुंचे। वहां कागजात जल रहे थे। पानी की बौछार कर आग बुझाई गई। कुछ ही देर में तहसील के अधिकारी-कर्मचारी भी माैके पर पहुंच गए। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों के मुताबिक जब वह छत पर पहुंचे तो कुछ लोग नीचे की तरफ भागते दिखे थे, हालांकि उनकी पहचान नहीं हो पाई थी।
आग की घटना में काफी दस्तावेज जले थे। तहसीलदार अमित सिंह ने इसका निरीक्षण के बाद दावा किया था कि कोई उपयोगी दस्तावेज नहीं जले हैं। कुछ पुरानी अनुपयोगी वस्तुएं व कागज थे। यह भी आशंका जताई थी कि आग शार्ट-सर्किट से लगी होगी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक छत पर जहां आग लगी थी, वहां आसपास तार ही नहीं था।
जले हुए कागजात में बीमा व सब्सिडी से जुड़े अभिलेख भी शामिल थे। वित्तीय सत्र के समापन के ठीक बाद दस्तावेजों में लगी आग को संदिग्ध बताया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम बद्रीनाथ सिंह ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया है।
उन्होंने बताया कि घटना के संपूर्ण तथ्यों और उससे हुए क्षति आदि की मजिस्ट्रियल जांच के लिए एडीएम वित्त सहदेव कुमार मिश्र को जांच अधिकारी नामित किया गया है। वह इसकी तथ्यगत जांच करते हुए आख्या 15 दिनों में उपलब्ध कराएंगे।