सोनभद्र। राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात ने बृहस्पतिवार को रॉबर्ट्सगंज तहसील सभागार में जनसुनवाई की। उन्होंने महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों को सुनते हुए समाधान का निर्देश दिया। प्राथमिक विद्यालय लोढ़ी में छह शिक्षक थे, जबकि सिर्फ 70 बच्चे ही मौजूद मिले। बच्चों की कम उपस्थिति पर असंतोष जताते हुए शिक्षकों को संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान एक मामला विकास भवन में संचालित एक विभाग के कर्मचारी से जुड़ा आया। पूर्व में कर्मचारी की पत्नी ने पति के उत्पीड़न से क्षुब्ध होकर मुकदमा दर्ज कराया था। दोनों अलग-अलग रह रहे हैं। बाद में एक पक्ष ने साथ रहने की इच्छा जताई थी। दूसरे पक्ष को बुलाकर काउंसिलिंग की गई। स्वयं सहायता समूह से जुड़े मामले में विभागीय अधिकारी को बुलाकर समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं से जुड़े मामले में संवेदनशील होकर समाधान के लिए कहा। कस्तूरबा बालिका विद्यालय उरमौरा के निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में साफ-सफाई बेहतर रखने, छात्राओं को निर्धारित मीनू के अनुसार नास्ता, भोजन आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। छात्राओं को खेल से जोड़ने के लिए प्रेरित करने को भी कहा। आंगनबाड़ी केंद्र लोढ़ी-प्रथम के निरीक्षण के दौरान बच्चों को फल बांटे। उनके रहन-सहन की स्थिति का जायजा लिया। बच्चों ने कविता भी सुनाई। वहां की व्यवस्थाओं को सराहते हुए कहा कि बच्चों को साफ-सफाई के लिए प्रेरित किया जाए। इसी परिसर में संचालित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति कम रही। विद्यालय में कुल छह शिक्षक थे, जबकि सिर्फ 70 बच्चे ही मौजूद थे। बताया गया कि मेले में जाने के कारण बच्चे कम आए हैं। उन्होंने शिक्षकों को अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को नियमित स्कूल आने के लिए प्रेरित करने को कहा। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत कुमार सिंह, सीओ सिटी डॉ.चारु द्विवेदी, जिला प्रोबेशन अधिकारी इंद्रावती कुमारी, गायत्री दुबे, आकांक्षा पांडेय, महिला एसओ सविता सरोज, संतू सरोज आदि उपस्थित रहीं।
महिलाओं को किया जागरूक
सोनभद्र। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र के सचिव एवं अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव के निर्देशन में बृहस्पतिवार को राबर्ट्सगंज तहसील सभागार में कार्यक्रम किया गया। इसमें 14 पीड़ित महिलाओं को यौन उत्पीड़न से जुड़ी विधिक जानकारी दी गई। पैनल अधिवक्ता-पीएलवी को निर्देशित किया गया कि जनसुनवाई स्थल पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का बैनर, पंफलेट आदि लगवाकर मिशन शक्ति एवं अन्य महिला कानूनी उपबंधों का प्रचार प्रसार किया जाए। पीड़ित महिलाओं को विधिक सहायता के बारे में बताया गया।