सोनभद्र। मेडिकल काॅलेज के अस्पताल की इमरजेंसी में ईसीजी की सुविधा नहीं है। इससे मरीज परेशान हो रहे हैं। एक्सरे के लिए भी उन्हें ओपीडी में नंबर लगाना पड़ रहा है।
सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल, हार्ट अटैक व ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिए इमरजेंसी में सूई, दवाई, मरहम, पट्टी से आगे कोई सुविधा नहीं है। रात में दुश्वारियां और बढ़ जाती हैं। नतीजन प्राथमिक उपचार के बाद ईएमओ ऐसे मरीजों का इलाज करने से हाथ खड़े कर दे रहे हैं। वह रेफर कागज बनाकर इतिश्री कर लेते हैं। वैसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल के दूसरे तल पर ईसीजी मशीन स्थापित है, लेकिन वहां सुबह साढ़े आठ से दोपहर दो बजे तक ही जांच की सुविधा मिलती है। इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर से वहां तक लेकर जाना और आना हो तो रैंप से पांच सौ मीटर की दूरी तय करनी होती है। यही नहीं दोपहर दो बजे के बाद मरीजों की ईसीजी नहीं हो पाती। ऐसे में इमरजेंसी के गंभीर मरीजों ईसीजी के लिए निजी लैब में जाना पड़ता है। चिकित्सक हृदय और छाती दर्द वाले सभी मरीजों को सबसे पहले ईसीजी करवाने का परामर्श देते हैं। यह मरीज ईसीजी करवाने के लिए भटकते हैंं।
अस्पताल में ईसीजी व्यवस्था है। इसे इमरजेंसी में भी आने वाले दिनों में शीघ्र सुचारू करवा दिया जाएगा। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए आपातकालीन कक्ष में अन्य सभी तरह की सुविधा उपलब्ध है। -डॉ. बी.सागर, सीएमएस।
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