बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने की जद्दोजहद में लगी परियोजनाओं ने अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा दी है। शनिवार को अनपरा तापीय परियोजना की दो इकाइयों से 21 मेगावाट से अधिक उत्पादन किया गया। वहीं ओबरा बी की परियोजना से भी पांच मेगावाट का अधिक उत्पादन किया गया।
भीषण गर्मी ने सभी की हालत खस्ता कर दी है। दिन भर कूलर, पंखा, एसी चल रहे हैं। अप्रैल में ही गर्मी के इस स्तर से लोग चिंतित है। बिजली की मांग में भी बेतहाशा वृद्धि हुई है। बिजली उत्पादन में कमी के चलते मांग पूरा करने में दिक्कत आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार आपूर्ति बाधित होने के बाद भी शनिवार को बिजली की अधिकतम व न्यूनतम मांग में बढ़त दर्ज की गई। जहां अधिकतम मांग 21349 मेगावाट पहुंची वहीं न्यूनतम मांग ने भी 17 हजार मेगावाट का आंकड़ा पार कर दिया। बृहस्पतिवार को जहां अनपरा ए से 493, बी से 886, डी से 952 और ओबरा बी से 679 मेगावाट उत्पादन किया जा रहा था। वहीं शनिवार को सभी परियोजनाओं ने अपनी अपनी क्षमता बढ़ा कर अनपरा ए ने 510 मेवा, बी ने 890 मेवा और ओबरा डी ने 684 मेगावाट उत्पादन किया।