सोनभद्र। घने कोहरे के बीच जिले की सड़काें पर सफर खतरनाक होता जा रहा है। सड़कों के किनारे न सफेद पट्टी है और न ही रेडियम टेप लगाए गए हैं। ऐसे में सफर के दौरान हादसों की आशंका बढ़ गई है। पूर्व में हुई कई दुर्घटनाओं के बाद भी जिम्मेदार अब तक इससे बेपरवाह हैं।
चार राज्यों को जोड़ने वाले जिले की कई सड़कें पहाड़ी और घुमावदार हैं। हर रोज इन पर हजारों लोग सफर करते हैं। कई जगह सड़क के एक तरफ गहरी खाई तो दूसरी ओर ऊंचे पहाड़ हैं। बावजूद घने कोहरे के दौरान सफर को सुरक्षित बनाने के लिए अब तक कोई तैयारी नहीं हो पाई है।
घोरावल से रॉबर्ट्सगंज होते हुए खलियारी तक जाने वाली सड़क को स्टेट हाईवे घोषित किया गया है। इस मार्ग पर कई जगह सफेद पट्टी नहीं है। कुछ जगहों पर है भी तो धुंधली होने से नजर नहीं आता। प्रमुख आबादी वाले क्षेत्रों, पुल, पुलिया, दुर्घटना बहुल इलाकों के पास कोई रेडियम टेप या संकेतक भी नहीं लगे हैं, जिससे राहगीरों को सही स्थिति की जानकारी हो सके।
रॉबर्ट्सगंज से आगे मरकरी पुल, लसड़ा मोड़, बेठिगांव मोड़ सहित कई जगहों पर कोई संकेतक न होने से पूर्व में कई हादसे हो चुके हैं। यही हाल रामगढ़ से मांची, बेलखुड़ी से नौगढ़, तेलगुड़वा से कोन और हाथीनाला से दुद्धी जाने वाली सड़क सहित अन्य की भी है। कोहरे से पहले सभी सड़कों पर सुधारात्मक कार्य के निर्देश दिए गए थे, मगर ज्यादातर जगहों पर स्थिति जस की तस है।
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वर्जन...
जिन सड़कों पर सफेद पट्टी नहीं है, वहां बजट की उपलब्धता के अनुसार काम कराया जाएगा। घोरावल-रॉबर्ट्सगंज-खलियारी मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। चौड़ीकरण के दौरान ही अन्य कार्य कराए जाएंगे। - शैलेश सिंह ठाकुर, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।