मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हो रही झमाझम बारिश से मंगलवार को रिहंद का जलस्तर 859.9 फीट पर पहुंच गया।यह यह खतरे के निशान से मात्र 10 फीट ही कम है। प्रतिदिन करीब छह इंच (आधा फीट) पानी बढ़ रहा है।
जलस्तर में वृद्धि की यही गति रही तो इस बार जुलाई माह के अंत में ही रिहंद का जलस्तर अधिकतम बिंदु को छू लेगा। जलस्तर को सामान्य बनाए रखने के लिए फाटक खोले जा सकते हैं।
26 जून को रिहंद का जलस्तर 843.8 फीट पर था, जो अगले ही दिन बढ़कर 845 फीट पर आ गया। इसके बाद लगातार बढ़त जारी है। पिछले 26 दिनों में 17 फीट रिहंद का जलस्तर बढ़ा है।
अगर रिहंद के फाटक खुलतें हैं तो इसका सीधा असर बिहार राज्य पर पड़ेगा। प्रशासन भी इस पर नजर बनाए हुए है। इस बीच रिहंद की जलविद्युत इकाइयों से लगातार पूरी क्षमता से उत्पादन कराया जा रहा है।
पिछले साल सितंबर महीने में खोला गया था रिहंद का फाटक
पिछले साल अगस्त महीने की शुरूआत से रिहंद का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ था। 24 दिनों के अंदर 28.7 फीट की वृद्धि हुई थी। जिसके बाद रिहंद का जलस्तर सामान्य रखने के लिए बारी-बारी से रिहंद के फाटक खोले गए थे।