रॉबर्ट्सगंज बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन कर बिजली दरों को बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
जिला अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की ओर से विद्युत दरों को 45 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। यह न तो आम लोगों के हित में है न ही व्यापारियों के हित में। इसे वापस लिया जाए। ऊर्जा मंत्री के द्वारा वैश्य (बनिया) समाज पर की गई अशोभनीय टिप्पणी सामाजिक ताने बाने को तोड़ने वाला है। इस टिप्पणी से पूरा समाज आहत है। इसकी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष संदीप सिंह चंदेल ने कहा कि जब उपभोक्ता बिल का भुगतान कर रहे हैं तो फिक्स चार्ज क्यों वसूला जा रहा है। स्मार्ट मीटर कई गुना अधिक रीडिंग दे रहे हैं। चेक मीटरों ने भी इसे साबित किया है। युवा जिला अध्यक्ष रमेश जायसवाल, जिला कोषाध्यक्ष अजीत जायसवाल ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली दोनों कंपनियों को गोवा में ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका है। इस अनुबंध की समीक्षा कर समस्या से मुक्ति दिलाई जाए। कहा छोटे मझोले व्यापारियों नागरिकों का विद्युत कनेक्शन छोटे बकाये पर काट दिया जा रहा है। लेकिन बड़े लोगों के बकाये पर कार्रवाई नहीं हो रही है। पदाधिकारियों ने सरकार से प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष प्रकाश केशरी, जिला संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह, जिला उपाध्यक्ष संजय जायसवाल, आनंद जायसवाल, आनंद गुप्ता आदि रहे।
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आठ से दस घंटे कटौती लो वोल्टेज की समस्या
परेशान हैं रानीतारा बिजली उपकेंद्र के उपभोक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
सचित्र-
केकराही। क्षेत्र के रानीतारा बिजली उपकेंद्र के इलाकों आठ से दस घंटे बिजली कटौती हो रही है। उपभोक्ता लो वोल्टेज से भी परेशान हैं। लगातार इसकी शिकायत की जा रही है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी है।
बिजली उपकेंद्र रानी तारा के चार फीडर पगिया, सीरविट, इमलीपुर और सरंगा से लगभग 35 गांवों में बिजली आपूर्ति हाेती है। इस सब स्टेशन पर एसएसओ सहित 12 लाइनमैन तैनात हैं। बावजूद इसके यहां से नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उपकेंद्र से आठ से दस घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। कभी-कभी तो 12 घंटे आपूर्ति बाधित रहती है। यही नहीं, लो वोल्टेज के कारण उपभोक्ता परेशान होते हैं। लो वोल्टेज और बिजली कटौती के कारण पेयजल की समस्या होती है। मोटर नहीं चलने से हैंडपंपों पर आश्रित होना पड़ता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि कई बार इसकी शिकायत उपकेंद्र पर की गई लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। यदि जल्द ही व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि लाइन आते ही सभी किसान सबमर्सिबल पंप और अन्य मशीनों को चला देते हैं। इस वजह से लो वोल्टेज की समस्या आ रही है। गुरुदेव नगर से तार बदलने का काम चल रहा है। वहीं, रोस्टिंग भी हो रही है। इस वजह से बिजली कटौती हो रही है। जल्द ही व्यवस्था सुधर जाएगी।