सोनभद्र। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। इससे पहले गांवों में चुनाव हो जाना चाहिए था, लेकिन इस बार कोरोना संकट की वजह से चुनाव समय से नहीं हो सका। हालांकि सरकार की तरफ से चुनाव की तैयारियां जोरों पर है। वैसे 25 दिसबंर को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होते ही नए कार्य शुरू करने पर रोक लग जाएगी। ग्राम प्रधानों की जगह प्रशासक नियुक्त कर दिए जाएंगे।
पंचायती राज विभाग के मुताबिक 25 दिसंबर 2015 को राबर्ट्सगंज, चतरा, नगवां, घोरावल, चोपन, म्योरपुर, बभनी और दुद्वी विकास खंड के 637 ग्राम प्रधानों को शपथ दिलाई गई थी। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल भी पांच साल तक के लिए ही होता है। ऐसे में अब पांच वर्ष पूरे होने के बाद 25 दिसंबर 2020 को कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। इसके बाद नई पंचायतों के गठन से पहले किसी भी ग्राम पंचायत में कोई नया काम नहीं हो सकेगा। सिर्फ वहीं काम हो सकेंगे, जो 25 दिसंबर या इससे पूर्व शुरू हो चुके हैं, इनमें सामुदायिक शौचालय और पंचायत भवन का निर्माण और जीर्णोद्धार आदि काम शामिल हैं। ग्राम प्रधान किसी भी खाते से पैसा नहीं निकाल सकेंगे। शासन के निर्देश पर जिसे कार्यवाहक बनाया जाएगा वही पैसा निकाल सकेगा। ग्राम पंचायतों का संचालन करने के लिए शासन से जारी होने वाली अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है।
21 दिसंबर तक प्रस्तावित वार्डों की तैयार होगी सूची
जनपद में चार दिसंबर से 11 दिसंबर के बीच पंचायत वार जनसंख्या का रिपोर्ट कार्ड तैयार करने का कार्य किया गया। 12 दिसंबर से 21 दिसंबर तक ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत की प्रस्तावित वार्डों की सूची तैयार होगी और उसका प्रकाशन किया जाएगा। इस सूची पर 22 दिसंबर से 25 दिसंबर के बीच आपत्तियां ली जाएंगी। 27 दिसंबर से दो जनवरी तक आपत्तियों का निस्तारण होगा। तीन जनवरी से छह जनवरी के बीच सभी वार्डों की अंतिम सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा।
25 दिसंबर को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। इसके बाद नई पंचायतों के गठन से पहले किसी भी ग्राम पंचायत में कोई नया काम नहीं हो सकेगा। सिर्फ वहीं काम हो सकेंगे, जो 25 दिसंबर या इससे पूर्व शुरू हो चुके हैं, इनमें सामुदायिक शौचालय और पंचायत भवन का निर्माण और जीर्णोद्धार आदि काम भी शामिल हैं। - विशाल सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी सोनभद्र