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Sonebhadra News: दूसरे दिन भी गांव में डटी रही टीम, नहीं मिला कोई नया मरीज

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रामगढ़। चतरा ब्लाॅक के मंठहवां गांव में बासी भोजन खाने से फैली बीमारी अब नियंत्रण में है। बृहस्पतिवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में डटी रही। बीमार लोगों का परीक्षण कर उन्हें दवा व जरूरी परामर्श दिए गए। गांव में ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव कर ओआरएस पैकेट का वितरण भी किया गया।
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मंठहवां गांव में मंगलवार को विनय धांगर (45) को उल्टी-दस्त की समस्या शुरू हुई। इसके बाद उनके पुत्र मनीष धांगर (20) व सचिन (14) भी इससे पीड़ित हो गए। समुचित उपचार न मिलने से देर रात विनय धांगर ने दम तोड़ दिया। इसके बाद ग्रामीणों में खलबली मच गई। सूचना पाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम बुधवार को गांव पहुंची। घर-घर जाकर टीम ने जांच शुरू की तो गांव के ही अजय (16), छविंद्र मौर्या (20), कल्लू धांगर (17), किरण (18), मंगला धांगर (15), राजू (16), रामदुलारे धांगर (60) सहित 15 लोग बीमार मिले। इसमें तीन बच्चे भी शामिल रहे। इसमें छह को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बृहस्पतिवार को भी टीम गांव में जमी रही। चतरा सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शुभम त्रिपाठी ने बताया कि शादी में बने खाने को खाने से लोग बीमार हुए थे। अब स्थिति सामान्य है। ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव पूरे गांव में कराया गया है। ओआरएस का वितरण भी कराया गया है। कोई नया मरीज नहीं मिला है। एहतियात के तौर पर गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगा दी गई है।
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