सोनभद्र में हाथी दांत की तस्करी का पहला मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमा अलर्ट हो गया है। तस्करों का नेटवर्क खंगालने में पुलिस टीम को लगाया गया है। अभी तक की जांच में मध्य प्रदेश के जंगलों से वन्य जीवों के अंगों और अवशेष की तस्करी किए जाने का खुलासा हुआ है। वन्य जीवों के अंगों की तस्करी करने वाले में शामिल लोगों की तलाश में कई स्थानों पर बुधवार को पुलिस ने दबिश दी लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।
सोमवार को करमा थाना क्षेत्र के डिलाही गांव के समीप पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने हाथी के बेशकीमती दांतों के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 10.6 किलो वजन के हाथी के दो दांत बरामद हुए। बरामद दांत की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ढाई करोड़ रुपये आंकी गई है। पूछताछ के दौरान पकड़े गए घोरावल कोतवाली के कुसी निस्फ निवासी तस्कर परमेश्वर प्रजापति, अतरौली निवासी भैयालाल मौर्या और धर्मलाल मौर्य ने वन्य जीवों की तस्करी में शामिल कई लोगों के नामों का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक तस्करों से पूछताछ में कई अहम जानकारी हाथ लगी है। जिले से सटे मध्य प्रदेश के गढ़वा समेत अन्य इलाकों के कई लोग वन्य जीवों के अंगों की तस्करी कर रहे हैं। उनके संपर्क में सोनभद्र का एक व्यक्ति भी है। पुलिस उनके गिरेबां तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने घोरावल सीओ संजय वर्मा और सीओ सिटी राजकुमार तिवारी के पर्यवेक्षण में करमा थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह, स्वाट प्रभारी अमित तिवारी, एसओजी प्रभारी श्याम बहादुर यादव और सर्विलांस टीम प्रभारी सरोजमा सिंह को तस्करों की गिरफ्तारी के लिए लगाया है। करमा एसओ ने बताया कि तस्करों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही बड़ी सफलता हाथ लगेगी।