घोरावल। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उभ्भा कांड की दूूसरी बरसी शनिवार को घरों में मनाई गई। उभ्भा कांड में मारे गए लोगों के परिजनों ने उन्हें याद किया। प्रशासन की ओर से प्रतिबंध लगाने के कारण सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हुआ। उभ्भा गांव चारों तरफ से सील कर दिया गया था। चप्पे-चप्पे पर पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहे। बाहरी लोगों को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया गया। उभ्भा कांड की दूसरी बरसी को लेकर घोरावल नगर से लेकर फुलवारी, घुवास कालोनी, कन्हारी मोड़, मूर्तियां, सपही, मिर्जापुर बॉर्डर आदि स्थानों पर पुलिस ने नाकेबंदी की थी। गांव में पूरे दिन जिले एवं तहसील के आला अफसरों समेत खुफिया एजेंसियों के लोग डटे रहे। आदिवासी बहुल उभ्भा गांव में गांव में 17 जुलाई 2019 को जमीनी विवाद में हुए खूनी संघर्ष में गोंड़ समुदाय के 4 महिलाओं समेत 11 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 28 लोग घायल हुए थे। शनिवार को मृतकों की दूसरी बरसी को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क था। चार दिनों से उभ्भा गांव में गांव में जिले के आला पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का लगातार दौरा हो रहा है। एएसपी विनोद कुमार, एसडीएम जैनेंद्र सिंह, सीओ शंकर प्रसाद, घोरावल एसएचओ बृजेश सिंह और खुफिया एजेंसियों के लोग लगातार उभ्भा का जायजा लेते रहे। पुलिस लाइन, घोरावल, कर्मा, शाहगंज, रामपुर बरकोनिया, राबर्ट्सगंज समेत कई थानों की फोर्स व पीएसी गांव में डटी रही। उभ्भा कांड के घटनास्थल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड़ के आवास के पास, मृतकों के घरों के पास समेत तमाम महत्वपूर्ण स्थानों पर मुस्तैदी के साथ फोर्स किसी भी हालात से निपटने के लिए लगी रही।
पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद
सोनभद्र। एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह व एएसपी विनोद कुमार शनिवार की सुबह उभ्भा गांव पहुंच गए और दिन भर गांव में रहकर चक्रमण करते रहे। एडीएम व एएसपी ने सभी संवेदनशील व महत्वपूर्ण जगहों पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था में लगे अधिकारियों व पुलिस बल को आवश्यक दिशानिर्देश दिया।