जिला अस्पताल लोढ़ी में बिचौलियों का बोलबाला है। बिचौलिये भोले-भाले मरीज और तीमारदारों को बेहतर उपचार कराने का झांसा देकर उन्हें निजी अस्पताल ले जाकर उनका आर्थिक शोषण कराते हैं। हालांकि इस पर रोक लगाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के कुमार ने कोतवाल को फोनकर बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
जिला अस्पताल के अलावा अन्य राजकीय अस्पतालों में मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाकर उपचार कराकर उनका आर्थिक शोषण कराने वाला गिरोह सक्रिय होता जा रहा है। अस्पताल परिसर और आसपास गिरोह के सदस्य भ्रमण कर दूर दूराज से आने वाले गरीब तबके के मरीजों को अपने झांसे में फंसा रहे हैं। मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए पहले तो उनसे मेल मिलाप करते हैं फिर हमदर्द बनने का दिखावा करते हुए उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं। इसके बाद अपने सेटिंग वाले अस्पतालों में ले जाते हैं, जहां इनसे मोटी रकम इलाज के नाम पर वसूली जाती है। अस्पताल संचालकों की तरफ से बिचौलियों को भी कमीशन के रूप में दो से तीन हजार रुपये दिया जाता है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. के कुमार का कहना है कि कोतवाल से बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए वार्ता की गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही एसपी को भी पत्र लिखकर बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।