सोनभद्र। जिले में अभियान चलाकर निर्विवाद उत्तराधिकारियों का खतौनी में नाम दर्ज किया जाएगा। इसके लिए जिले में 15 दिसंबर 2020 से 15 फरवरी 2021 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। बृहस्पतिवार को अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने सभी उपजिलाधिकारियों को लेखपालों के माध्यम से दर्ज कराने के लिए निर्देशित कर दिया है।
एडीएम ने बताया कि 15 दिसंबर से 30 दिसंबर 2020 तक राजस्व/तहसील अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर राजस्व ग्रामों में प्रचार-प्रसार तथा खतौनियों को पढ़ा जाना तथा लेखपाल द्वारा वरासत हेतु प्रार्थना-पत्र प्राप्त कर, उन्हें ऑनलाइन भरा जाएगा। 31 दिसंबर से 15 जनवरी तक क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा 2018 में दी गई व्यवस्था लेखपाल द्वारा ऑनलाइन जांच की प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। 16 जनवरी से 31 जनवरी तक राजस्व निरीक्षक द्वारा जांच एवं आदेश पारित करेंगे और राजस्व निरीक्षक-कार्यालय द्वारा नामंत्रण आदेश को आर-6 में दर्ज कराने के पश्चात खतौनी प्रविष्टियों को भूलेख साफ्टवेयर में निर्धारित अवधि में दर्ज कराया जाएगा। एक फरवरी से सात फरवरी तक जिलाधिकारी द्वारा प्रत्येक लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार तथा उप जिलाधिकारी से इस आशय से प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाएगा कि उनके क्षेत्र के अंतर्गत स्थित राजस्व ग्रामों में निर्विवाद उत्तराधिकारी का कोई प्रकरण दर्ज होने से अवशेष नहीं है। आठ फरवरी से 15 फरवरी तक अभियान के अंत में डीएम द्वारा प्रत्येक तहसील के 10 प्रतिशत राजस्व ग्रामों को रैंडमली चिह्नित करते हुए उनमें एडीएम, उप जिलाधिकारी व अन्य जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा इस तथ्य की जांच कराई जाएगी कि निर्विवाद उत्तराधिकारी का कोई प्रकरण दर्ज होने से बचा तो नहीं है। उक्त के संबंध में 14 दिसंबर को अपराह्न तीन बजे कलेक्ट्रेट में बैठक आयोजित की गई है।