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संयुुक्त टीम ने की महुली बैचिंग प्लांट की जांच

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विंढमगंज रेंज में बालू खनन की जांच करती टीम - फोटो : SONBHADRA
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महुली। दुद्धी तहसील क्षेत्र के महुली, विंढमगंज क्षेत्र के में हो रहे रेलवे के दोहरीकरण कार्य में प्रयुक्त होने वाले बालू, गिट्टी आदि की जांच शुक्रवार को वन विभाग, राजस्व तथा खनन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर की।
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टीम ने फुलवार व पतरिहा गांव में स्थति मलिया नदी का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके बाद टीम ने डुमरा गांव के कनहर नदी में पहुंचकर बालू खनन का जायजा लिया। जांच टीम ने महुली स्थित बैचिंग प्लांट पर जाकर रेलवे द्वारा रखी गई बालू तथा रॉयल्टी की जांच किया। कार्यदाई संस्था द्वारा अब तक किए गए बालू के उपयोग के बाबत जानकारी देते हुए जांच टीम को बताया कि कंपनी यूपी के कोरगी, नगवां बालू साइडों तथा भंडारण से तथा एमपी व छत्तीसगढ़ से परमिटशुदा बालू का उपयोग करती है। जिसका रॉयल्टी भी मौजूद है। हालाकिं जांच टीम ने कम्पनी के स्टोर कीपर से रॉयल्टी लेकर दुद्धी उपजिलाधिकारी कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा। जांच टीम में शामिल मंडलीय उड़ाका दल के प्रभारी व एसडीओ वन मनमोहन मिश्रा ने बताया कि पूरे जांच में कहीं भी बालू का अवैध खनन नही मिला। उन्होंने कहा कि महुली रेलवे के बैचिंग प्लांट पर बड़े पैमाने पर बालू मिला। जो बालू मौके पर था उसकी रॉयल्टी भी देखी गई। उपजिलाधिकारी रमेश कुमार ने कहा कि रॉयल्टी की जांच कराने के बाद ही पता चल पाएगा कि वह असली है या फर्जी। इस दौरान दुद्धी सीओ राम आशीष यादव,एस डी ओ मनमोहन मिश्रा ,रेंजर विंढमगंज विजेंद्र श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद थे।
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