सोनभद्र। दिव्यांग बच्चों के समुचित विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से बचपन डे केयर सेंटर संचालित किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज परिसर में संचालित बचपन डे केयर सेंटर में इस समय 61 दिव्यांग बच्चों को सांकेतिक भाषा और ब्रेललिपि के जरिये अक्षर ज्ञान पढ़ाया जा रहा है।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की तरफ से इसी वर्ष एलटू भवन में बचपन डे केयर सेंटर का संचालन शुरू किया गया है। सेंटर के समन्वयक राहुल कुमार सिंह का कहना है कि दृष्टिबाधित, बौद्धिक अक्षमता और मानसिक मंदित बच्चों को बचपन डे केयर सेंटर में नामांकित किया गया है। इन बच्चों की संख्या इस समय 61 है।
बचपन डे केयर सेंटर में इस समय श्रवण बाधित 20 बच्चे, दृष्टिबाधित सात बच्चे, बौद्धिक अक्षमता (एमआर) वाले 17 बच्चे हैं। इनके अलावा बौद्धिक अक्षमता (एलडी) बच्चे 17 हैं। उन्होंने बताया कि श्रवण बाधित (एचआई) बच्चों को सांकेतिक भाषा में पढ़ाने और उनकी गतिविधियों को कराने के लिए दो विशेष शिक्षक हैं।
दृष्टिबाधित (वीआई) बच्चों को पढ़ाने के लिए ब्रेललिपि की भाषा को समझाने के लिए दो विशेष शिक्षकों की तैनाती की गई है। मानसिक रूप से मंद बच्चों को पढ़ाने के लिए तीन विशेष शिक्षकों की तैनाती की गई है। इसी तरह बौद्धिक अक्षमता (आईडी) बच्चों को पढ़ाने के लिए तीन विशेष शिक्षकों की तैनाती की गई है।
बौद्धिक अक्षमता (एलडी) बच्चों को पढ़ाने के लिए तीन विशेष शिक्षकों की तैनाती है। इस तरह से कुल 10 शिक्षकों की तैनाती की गई है। बता दें कि एलटू भवन में जुलाई माह से सेंटर का संचालन शुरू किया गया है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की तरफ से बच्चों को वैन से लाने-जाने और भोजन आदि की सुविधा प्रदान की जा रही है।
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तीन वर्ष से सात वर्ष तक के बच्चों को मिल रहा प्रशिक्षण
बचपन डे केयर सेंटर में तीन वर्ष से सात वर्ष तक के बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जो बच्चे सुन और बोल नहीं सकते, उनको सांकेतिक भाषा में अक्षर ज्ञान कराया जा रहा है। दृष्टिबाधित बच्चों को ब्रेललिपि और स्पर्श ज्ञानेद्रियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं, बौद्धिक अक्षमता वाले बच्चों को स्नान करने, कपड़े पहनने और भोजन करने के तरीके सिखाए जा रहे हैं।
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वर्जन:
मेडिकल कॉलेज के एलटू भवन में संचालित बचपन डे केयर सेंटर में 61 दिव्यांग बच्चे पंजीकृत हैं। दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने और समुचित विकास के लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सेंटर में 10 विशेषज्ञ शिक्षकों की तैनाती की गई है। - विद्या देवी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, सोनभद्र