सोनभद्र। जनजातीय समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर रोक के लिए सोनभद्र और आसपास के जिलों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। 15 नवंबर को जिले के दौरे पर आए सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस पर चिंता जताई थी और अधिकारियों को रोकथाम के निर्देश दिए थे। अपर मुख्य सचिव और सचिव समाज कल्याण ने ऑनलाइन बैठक कर नशे से प्रभावित क्षेत्रों को चिह्नित कर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
15 नवंबर को जब सीएम सोनभद्र आए थे, तब उन्होंने जनजातीय और अति पिछड़े समाज में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोकथाम के लिए प्रभावी अपनाए जाने के निर्देश दिए थे। कहा था कि जिले के जनजातीय और पिछड़े तबके में नशे की बढ़ती लत पर रोक के लिए इससे प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित करने का निर्देश दिया। कहा कि उन इलाकों में नशा उन्मूलन संबंधी जनजागरूकता कार्यक्रम व्यापक पैमाने पर कराया जाए।
सीएम से मिले निर्देश के क्रम में अपर मुख्य सचिव की तरफ से भी समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिया गया कि सोनभद्र के साथ सीमावर्ती जनपदों (मिर्जापुर, चंदौली) के जनजाति एवं अति पिछड़े वर्गों के मध्य मद्यनिषेध विभाग की तरफ से चलाये जा रहे जनजागरूकता कार्यक्रमों का बड़े स्तर पर आयोजन कराया जाए। संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए अविलब रूप रेखा तय करने की हिदायत दी गई।
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- सचिव ने इन अधिकारियों के साथ किया मंथन
नशा उन्मूलन अभियान शुरू करने इसके लिए सचिव समाज कल्याण राजेंद्र सिंह ने राज्य मद्यनिषेध अधिकारी, उत्तर प्रदेश, डीडी जनजाति विकास प्रियंका वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, जिला आबकारी अधिकारी प्रवीण कुमार पांडेय, बीएसए मुकुल पांडेय, डीआईओएस जयराम, डीएफओ आशुतोष जयसवाल, क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी डॉ. निर्मालिका सिंह, उप क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी वाराणसी क्षेत्र राकेश कुमार, संकल्प नशामुक्ति एवं स्वास्थ्य केंद्र के प्रबंधक दीपक कुमार के साथ ऑनलाइन बैठक की। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा अविलंब तैयार कर अवगत कराने का निर्देश दिया।
नशे के गिरफ्त में है कितने जनजातीय, बनाई जाएगी सूची :
अभियान को लेकर किए गए विचार-विमर्श में जहां यह बात स्वीकार की गई कि नशे की प्रवृत्ति सोनभद्र के जनजातीय समाज के उत्थान में बड़ी बाधा बनी हुई है। तय किया गया कि नशे की गिरफ्त में आए जनजातियों की सूची तैयार की जाएगी और उन्हे नशे से छुटकारा दिलाने का प्रयास किया जाए। साथ ही दूसरे लोग नशे की लत में न आने पाएं इसके लिए सतत जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। क्षेत्रवार नशे की प्रवृत्ति किस प्रकार की है? इसके बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी।
वनवासी सेवा आश्रम से लिया जाएगा सहयोग :
जागरूकता कार्यक्रमों में प्रमुखता से सहभागिता दर्ज कराने वाले वनवासी सेवा आश्रम सहित अन्य आध्यात्मिक संगठनों से समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम निर्धारित किए जाएंगे। शिक्षा विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए स्कूल/कॉलेज/यूनिवर्सिटी जैसे शिक्षण संस्थानों में जागरूकता के कार्यकम किए जाएंगे। पंचायती राज संस्थाएं/एनएसएस/समाज सेवीसंस्था/स्वयं सेवी संघ/आध्यात्मिक संगठन आदि को जागरूकता की मुहिम से जोड़ने की पहल होगी।
वर्जन -
जो निर्देश मिले हैं उसके क्रम में नशा उन्मूलन जागरूकता के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने की योजना बनाई जा रही है। इसको लेकर लगातार दूसरे विभागों से संपर्क बना हुआ है। जल्द ही नशे से प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। -ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी।